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Film Festival: 12 अगस्त से दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन, करीब डेढ़ दर्जन फिल्में दिखाई जाएंगी
Thu, 11 Aug 2022 07:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 11 Aug 2022 07:11 PM IST
सार
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने सोमवार यानी आठ अगस्त को संसद भवन परिसर में विभाजन की विभीषिका पर केंद्रित एक प्रदर्शनी भी शुरू की है।
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Film Festival
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजनों के क्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने शुक्रवार 12 अगस्त से दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। नई दिल्ली के जनपथ स्थित कला केंद्र के सभागार में होने वाले इस आयोजन में भारत विभाजन के दंश और उसके पीड़ितों की स्मृति पर बनी फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन शुक्रवार दोपहर 12 बजे समवेत ऑडिटोरियम में होगा।
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कला केंद्र के मीडिया नियंत्रक अनुराग पुनेठा के मुताबिक, फेस्टिवल में करीब डेढ़ दर्जन फिल्में शामिल हो रही हैं। निर्णायकों के फैसले के अनुसार इनमें से तीन श्रेष्ठ फिल्मों को क्रमशः तीन, दो और एक लाख रुपये के साथ कुछ प्रविशिष्टियों को सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। इस आयोजन में शामिल डाक्यूमेट्री और शार्ट फिल्मों के अतिरिक्त दर्शक ‘पिंजर’ और ‘गदरः एक प्रेम कथा’ का भी आनंद उठा सकेंगे। दोनों दिन सायं छह बजे तक चलने वाला फिल्म फेस्टिवल सभी के लिए खुला रहेगा।
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दरअसल, आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने सोमवार यानी आठ अगस्त को संसद भवन परिसर में विभाजन की विभीषिका पर केंद्रित एक प्रदर्शनी भी शुरू की है। यह प्रदर्शनी देश के कुछ अन्य प्रमुख जगहों और ऑनलाइन भी देखी जा सकती है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी सम्बंधित संस्थानों को इसका लिंक भेजा है। इसके पहले केंद्र परिसर में ही एक सेमिनार हुआ था, जबकि भविष्य के लिए अन्य आयोजन भी तय हैं।
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देश का बंटवारा एक ऐसी त्रासदी है, जिसे शब्दों में नहीं व्यक्त किया जा सकता। यह दुनिया की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक है। इसमें लाखों लोग मारे गए, करोड़ों बेघर हो गए। विभाजन का दंश झेलने वाले उन लाखों परिवारों की पीड़ा हमारी स्मृतियों से ओझल न हो, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का अह्वान किया है।