फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Azaan Controversy in Maharashtra: Shiv Sena Sanjay Raut on BJP Says need to talk about unemployment GDP

'अजान' विवाद पर बोले राउत, हिंदुत्व नकारने का आरोप लगाने की बजाए बेरोजगारी-जीडीपी पर बात करें भाजपा नेता

Wed, 02 Dec 2020 12:17 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Wed, 02 Dec 2020 12:17 PM IST
विज्ञापन
Azaan Controversy in Maharashtra: Shiv Sena Sanjay Raut on BJP Says need to talk about unemployment GDP
शिवसेना नेता संजय राउत - फोटो : ANI

शिवसेना के एक नेता द्वारा मुस्लिम बच्चों के लिए 'अजान' देने की प्रतियोगिता आयोजित करने के सुझाव को लेकर महाराष्ट्र में सियासत गरमा गई है। भाजपा ने शिवसेना पर आरोप लगाया है कि पार्टी सत्ता में बने रहने के लिए 'हिंदुत्व' की विचारधारा को नकार रही है। वहीं, इस मामले पर शिवसेना प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा, 'शिवसेना ने हिंदुत्व छोड़ दिया है, ये बात कहने वालों को तमाशा बंद करना चाहिए और बेरोजगारी और जीडीपी के मुद्दे पर बात करनी चाहिए।' 

विज्ञापन

 
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'महाराष्ट्र भाजपा के नेता 'अजान' को लेकर राजनीति कर रहे हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना के दौरान धार्मिक स्थलों पर भीड़भाड़ नहीं होनी चाहिए। शिवसेना के हिंदुत्व छोड़ने की बात कहने वालों को यह 'तमाशा' बंद करना चाहिए। उन्हें बेरोजगारी, जीडीपी आदि के बारे में बात करनी चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन


फडणवीस बोले, शिवसेना 'छद्म धर्मनिरपेक्ष'
भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को शिवसेना पर पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा को 'नकारने' का आरोप लगाया और कहा कि शिवसेना 'वोट बैंक की राजनीति' कर रही है।

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा कि शिवसेना 'छद्म धर्मनिरपेक्ष' बन गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पार्टी के सांसद संजय राउत को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

फडणवीस ने कहा, 'यह हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे की शिवसेना नहीं है। वह इस मुद्दे पर हमेशा लड़े और शिवेसना बाला साहेब के 'सामना' (पार्टी का मुखपत्र) में लिखे उनके लेख एवं बयानों से बिल्कुल उलट कार्य कर रही है।' एक सवाल पर उन्होंने कहा, 'हमनें मुसलमानों को कभी वोट बैंक की तरह नहीं लिया और हम तुष्टिकरण की नीति नहीं चाहते। मुसलमान भी सबका साथ, सबका विकास का हिस्सा हैं।'
 

ये है पूरा मामला

दरअसल, शिवसेना के एक नेता द्वारा ‘अजान’ की तुलना ‘आरती’ से करने और मुस्लिम बच्चों के लिए ‘अजान’ देने की प्रतियोगिता के आयोजन की सलाह पर एक नया विवाद पैदा हो गया है। शिवसेना के नेता पांडुरंग सकपल ने एक उर्दू समाचार वेबसाइट को दिए एक साक्षात्कार के दौरान यह टिप्पणी की।

सकपल बोले, आरती की तरह है अजान 
सकपल को इस साक्षात्कार में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह दक्षिणी मुंबई में एक मुस्लिम कब्रिस्तान के निकट रहते हैं और उन्हें ‘अजान’ सुनना अच्छा लगता है। सकपल ने इस वेबसाइट से कहा, 'भगवदगीता गायन की प्रतियोगिता होती है। मैंने अपने सहकर्मी शकील अहमद से बच्चों के लिए ‘अजान’ प्रतियोगिता का आयोजन करने के लिए कहा है। मैं महसूस करता हूं कि यह ‘आरती’ की तरह है। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं थे और मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सभी समुदायों को साथ लेकर चलते हैं।'

इस बारे में जब सकपल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने पूछा कि हर टिप्पणी को कोई धर्म के चश्मे से कैसे देख सकता है?

भाजपा के विधान पार्षद और विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण डारेकर ने कहा कि सकपल की टिप्पणी इस बात को बखूबी बयां करती है कि पार्टी सत्ता में रहने के लिए अपना रुख बदल सकती है। भाजपा विधायक अतुल भटकाल्कर ने कहा कि शिवसेना पूर्व में हमेशा सड़क पर ‘नमाज’ अदा करने के खिलाफ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed