फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ayurveda fare in Delhi Constitution club shows its reach in sector of beauty products and other

Ayurveda: युवाओं के जोश से लेकर सुंदरता और होश के नए अनुसंधानों की तरफ बढ़ता आयुर्वेद का संसार

Sun, 28 Nov 2021 07:37 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sun, 28 Nov 2021 07:37 PM IST
सार

दिल्ली में चल रहे आयुर्वेद मेले में सबसे ज्यादा फोकस इम्युनिटी बूस्टर और यौवन को लेकर दिख रहा है। इसके साथ ही यहां मंत्रों से अभिमंत्रित च्यवनप्राश आदि भी उपलब्ध हैं। ये सब आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता की ओर इशारा कर रहे हैं।

विज्ञापन
Ayurveda fare in Delhi Constitution club shows its reach in sector of beauty products and other
आयुर्वेद - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयुर्वेद का मेला चल रहा है। मेले में आयुर्वेद के तमाम नए रंग हैं। बॉडी मसाज के लिए विभिन्न तरह के तेल, चेहरे और सौंदर्य को बनाए रखने के लिए तमाम तरह की क्रीम, पेय उत्पाद। सबकुछ धीरे-धीरे आयुर्वेद के अनुसंधान की दुनिया में आ रहे बदलाव का संदेश दे रहे हैं। पंचकर्म से रोग का निदान, औरा पद्धति से शरीर के वाइब्रेशन को जानने की पद्धति और सबके साथ आयुर्वेद में बढ़ते कॉस्मेटिस्क्स की झलक। इस मेले में युवा अच्छी संख्या में आ रहे हैं। मेले की सबसे खास बात यह भी है कि करीब-करीब हर स्टॉल पर यौवन और इम्युनिटी को बनाए रखने के उत्पाद छाए हुए हैं।

विज्ञापन


भोजन में ही दवा रखेगी मनुष्य को स्वस्थ
संकल्प के स्टॉल पर डॉ. पांडुरंग कदम बताते हैं कि उन्होंने 36 साल की प्रोफेशनल लाइफ पूरी की है। 33 साल से दवा की एक भी गोली नहीं खाते। स्वस्थ आदमी की पहचान यही है कि बिस्तर पर जाते ही तीन मिनट के भीतर नींद आ जाए और 12 घंटे में आपका पेट पूरी तरह से साफ हो जाए। इसका अर्थ हुआ कि मेटाबोलिज्म ठीक चल रहा है। इसका सार भोजन में ही दवा के तत्व होने में निहित है। डॉ. पांडुरंग बताते हैं कि इसके लिए संकल्प का क्लोरोलाइफ सबसे बेहतर विकल्प है। यह प्राकृतिक चिकित्सा का उत्पाद है और सेलुलर हीलिंग के जरिए मानव जीवन को स्वस्थ रखने के दर्शन पर काम करता है। डॉ. पांडुरंग का कहना है कि मैं एलोपैथी का चिकित्सक हूं लेकिन आयुर्वेद, होम्योपैथी सभी का अध्ययन करके इस अनुसंधान को आगे बढ़ा रहा हूं।
विज्ञापन


प्योर, आर्गेनिक, कन्संट्रेटेड मेडिसिन के असरकारी परिणाम
दारजुव इंटरप्राइजेज ने दांतों और मुंह की सफाई के लिए बस दो बूंद के मंजन आरजुव-9 को चमत्कारी उत्पाद बताया है। दारजुव का दावा है कि इससे पायरिया समेत तमाम रोगों का न केवल इलाज होता है, बल्कि रिवर्स प्रक्रिया के तहत सबकुछ ठीक हो जाता है। बताते हैं अब प्योरिटी, आर्गेनिक और आधुनिक रूप रंग में केमिकल फ्री मेडिसन की तरफ आयुर्वेद बढ़ रहा है। ध्यान योग फाउंडेशन ने मंत्रों से अभिमंत्रित च्यवनप्राश पेश किया है। यह आयुर्वेद में अपने तरह की अनोखी कास्मेटिक इंट्री है। लोग खूब आकर्षित होते हैं। हालांकि काफी मंहगा होने के कारण लेने वालों की संख्या काफी कम है। जैसे 350 एमएल देशी घी की कीमत भी 1300 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेली कैंडी में दवा, स्वाद, पोषक तत्व सबकुछ, आयुर्वेदिक भी
सिप्जर ने अपनी औषधियों को आकर्षक पैकेजिंग और बड़े-बड़े दावे के साथ पेश किया है। आपको इस मेले में तरह तरह से लेप, उबटन, तेल भी मिलेंगे। कैरेली आयुर्वेद अपने क्षेत्र की पुरानी कंपनी है और पूरी श्रृंखला के साथ बदलते आयुर्वेद के परिदृश्य को बताने की कोशिश कर रही है। सुकिन हेल्थ केयर की कैल्शियम और तमाम खनिजों की कमी को पूरा करने वाली स्वादिष्ट जेली कैंडी भी यहां मिल जाएगी। शिलाजीत, अश्वगंधा युक्त कुकीज के जरिए लोगों को इम्युनिटी, यौवन देने की कोशिश दिखाई देगी।

मेले में धूत पापेश्वर के संजय यादव बदल रहे परिदृश्य, प्रूदषण और कोरोना के बाद बदल रही लोगों की जीवनशैली, रोग, मांग के बारे में बताते मिलेंगे। संजय यादव का कहना है कि कोरोना ने भारतीय समाज को भी बदला है। अब इम्युनिटी बूस्टर की मांग बढ़ी और च्यनप्राश, आयुर्वेद पहले की तुलना में अधिक प्रासंगिक हुए हैं। डाबर, मुल्तानी, देहलवी से लेकर सभी कंपनियों के उत्पाद का संक्षिप्त लेखा मिलेगा। दीनदयाल फार्मेसी के प्रतिनिधि बताते हैं कि उन्होंने गुणवत्ता, विश्वसनीयता को प्रभावित नहीं होने दिया।

पंचकर्मा और सिद्धा की बढ़ती जा रही है मांग
रानी सक्सेना पिछले 30 साल से लोगों को सुंदर, स्वस्थ, कामकाजी बना रही हैं। सिद्धा और पंचकर्मा का सेंटर है। बताती हैं कोरोना के बाद लोगों का इस तरफ तेजी से रुझान बढ़ा है। रानी के अनुसार राजस्थान में अजमेर के कलेड़ा कृष्ण गोपाल भवन के उत्पादों के सहारे उन्होंने लोगों की डायबिटीज जैसी तमाम लाइफ स्टाइल जनित बीमारियों को हमेशा के लिए ठीक कर दिया है। रक्तमोक्षण, शिरोधारा, जानुवास्ति, आक्षित तर्पण, कटिवस्ति, अभ्यंग स्वेदन ये सिद्धा आयुर्वेदा के स्वस्थ रखने के उपाय हैं। वह बताती हैं कि पहले आयुर्वेद केवल वैद्य तक सीमित था। अब इसका स्कोप तेजी से बढ़ रहा है। शहरी जीवन जीने वालों में निरोग रहने की भावना बढ़ रही है।


युवाओं को तो बस जोश चाहिए
तमाम तरह के स्वरूपों में शिलाजीत के उत्पाद आपको मिलेंगे। राजेश पांडे बताते हैं कि अभी अधिकतम स्टाल पर यौन कमजोरी, नपुंसकता, शीघ्र पतन जैसी दवाओं के उत्पाद पाएंगे। वह बताते हैं कि आज इन दवाओं की मांग काफी बढ़ गई है। प्रोफेशनल्स स्वर्ण भस्म, काम दुधारस जैसी पुरानी पद्धतियों से कुछ अधिक की जानकारी लेने यहां आ रहे हैं। मुल्तानी के स्टॉल से लेकर धूत पापेश्वर, दीनदयाल फार्मेसी समेत तमाम कंपनियों के स्टॉल पर ऐसे उत्पादों की प्रदर्शनी देखने को मिली। मेले में आए डॉ. विकास सिंह का कहना है कि इन दवाओं का कारोबार हजारों करोड़ रुपये का हो चुका है। अब तो लोगों को आयुर्वेद में ही इसका विकल्प नजर आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed