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राम मंदिर निर्माण से दूर रहेंगे आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद, अब करेंगे ये काम
Sat, 09 Nov 2019 06:46 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 09 Nov 2019 06:46 PM IST
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत।
- फोटो : Amar Ujala (File)
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) दोनों संगठनों की भूमिका राममंदिर आंदोलन में बहुत महत्वपूर्ण रही है। आंदोलन से शुरू होकर मंदिर निर्माण के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने तक की यात्रा का श्रेय काफी हद तक इन संगठनों को दिया जा सकता है। यही कारण है कि शनिवार को जब अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, तब यह सहज सवाल पूछा जाने लगा कि आगे इन संगठनों की भूमिका क्या रह जाएगी?
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस सवाल के लिए पहले से ही तैयार थे। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आरएसएस राममंदिर निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक ट्रस्ट का निर्माण होगा। इस ट्रस्ट के दिशानिर्देश पर ही राममंदिर का निर्माण किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि वह एक विशेष ऐतिहासिक अवसर था, जिसके कारण संघ राम मंदिर आंदोलन का एक हिस्सा बन गया था, लेकिन अब इसके आगे संघ इस मामले में कोई भूमिका नहीं निभाएगा। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस का कार्य मनुष्य निर्माण है और वह अपने इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा।
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वहीं, आरएसएस के आनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद ने भी स्पष्ट कर दिया कि राम मंदिर आंदोलन अपने परिणाम तक आ गया है। इसके आगे मंदिर निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रक्रिया तय कर दी है, इसलिए अब उसकी इसमें कोई भूमिका नहीं बची है। विश्व हिंदू परिषद नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) 1964 में बनाया गया था।
एक विशेष परिस्थिति के कारण 1984-85 में यह राम मंदिर आंदोलन से जुड़ गया था। इसलिए यह नहीं कहा जाना चाहिए कि राम मंदिर निर्माण ही विहिप का एकमात्र एजेंडा था।
उन्होंने कहा कि विहिप के निर्माण का मुख्य उद्देश्य समाज का निर्माण था और वह कार्य अभी भी चल रहा है। विहिप इस समय देश के दूर-दराज इलाकों में 850 एकल विद्यालय चला रहा है। इसकी संख्या बढ़ाकर एक हजार करनी है, जिसे जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।