दिल्ली हवाई अड्डे पर फंसी ऑस्ट्रेलियाई महिला पत्रकार, ट्वीट कर बताई परेशानी
अपने काम के सिलसले से कोच्चि से दिल्ली यात्रा कर रही ऑस्ट्रेलिया की एक महिला पत्रकार को दिल्ली हवाई अड्डे पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें जबरदस्ती घंटों कतार में खड़े होकर अपने सारे दस्तावेज दिखाने पड़े। इस दौरान कतार में खड़े लोग एक-दूसरे से लड़ने भी लगे। जिस कारण महिला पत्रकार को काफी परेशानी हुई। इस घटना के बाद दिल्ली हवाईअड्डे की तरफ से महिला पत्रकार से माफी मांगी गई।
ऑस्ट्रेलिया की महिला पत्रकार सियोभन हिन्यू अपने काम से सिलसिले से कोच्चि से दिल्ली जा रही थी। वह एयर इंडिया की घरेलू विमान से यात्रा कर रही थी। लेकिन एयर इंडिया का यह विमान अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर उतर गया। वहीं, उन्हें अपने दस्तावेजों को दिखाने के लिए घंटों कतार में खड़ा होना पड़ा।
महिला पत्रकार ने ट्वीट कर लिखा कि 'दिल्ली हवाई अड्डे पर मुझे भयानक अनुभव हुआ है। एयर इंडिया का घरेलू विमान का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गया जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों को जबरदस्ती अपने आईडी और वीजा दिखाने के लिए घंटों कतार में खड़ा होना पड़ा। दूसरी ओर लोगों की भीड़ आपस में लड़ने भी लगी। उन्होंने आगे लिखा कि भारत में कोई भी काम करना बहुत कठिन है।'
Horrible experience at @DelhiAirport right now. Domestic passengers from an @airindiain flight have landed at the int’l airport & are being forced to line up for over an hour to show their ID or visas at immigration. Crowd is fighting. Doing business in India is just..too..hard.
— Siobhan Heanue (@siobhanheanue) November 2, 2019
इस घटना के बाद दिल्ली हवाई अड्डे द्वारा ट्वीट कर महिला पत्रकार से माफी मांगी गई। हवाई अड्डे ने पत्रकार सियोभन हिन्यू से कहा कि 'आपको हुई असुविधा के लिए हमें बहुत खेद हैं। कृपया हमें इसकी जांच करने के लिए उड़ान संख्या, स्थान, तिथि और समय दें।'
Sorry for the inconvenience caused. Please DM us the flight number, location, date & time to look into this.https://t.co/Bf8REbVk5L
— Delhi Airport (@DelhiAirport) November 2, 2019
जिसके जवाब में महिला पत्रकार ने उन्हें जानकारी देते हुए कहा कि 'यह कोच्चि से एआई 47 था। उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि घरेलू बोर्डिंग पास की जांच के लिए लगी कतार वास्तविक आव्रजन कतारों के लिए लगने वालों की तुलना में बहुत लंबी थी। साथ ही उड़ान में पहले ही एक घंटे की देरी हो गई थी। यह आम तौर पर यात्रियों और व्यापार के लिए एक बहुत बड़ी असुविधा है।'