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Richard Marles: चार दिवसीय भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई उप-प्रधानमंत्री, हिंद प्रशांत क्षेत्र में मिलकर काम करने की जताई इच्छा
Mon, 20 Jun 2022 10:51 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 20 Jun 2022 10:51 PM IST
सार
मार्लेस ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के सबसे करीबी सुरक्षा साझेदारों में से एक है और यहां की सरकार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने अन्य भागीदारों के साथ ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक रूप से गहरे जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटी है।
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चार दिवसीय भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई उप-प्रधानमंत्री
- फोटो : Twitter
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया का सबसे करीबी रक्षा साझेदार है और उनका देश खुले व समावेशी हिंदी प्रशांत क्षेत्र के लिए निकटता से काम करने का इच्छुक है।
मार्लेस देश के उप-प्रधानमंत्री के साथ-साथ रक्षामंत्री भी हैं। उन्होंने चीन की आक्रामकता की ओर इशारा करते हुए कहा कि नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के कारण दशकों से हिंद-प्रशांत में शांति और समृद्धि थी लेकिन अब यह क्षेत्र दबाव का सामना कर रहा है।
मार्लेस 20 से 23 जून तक की भारत यात्रा के दौरान अपने समकक्ष रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी व्यापक मुद्दों पर वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा से जुड़ी अन्य हस्तियों से भी मिलेंगे।
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ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के सबसे करीबी सुरक्षा साझेदारों में से एक है और यहां की सरकार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने अन्य भागीदारों के साथ ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक रूप से गहरे जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटी है।
उन्होंने आगे कहा, ऑस्ट्रेलिया एक मुक्त, खुले, निष्पक्ष, समावेशी, परस्पर जुड़े हुए, लचीले, सुरक्षित और समृद्ध हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में पिछले महीने ही संसदीय चुनाव हुए हैं। इन चुनावों में पूर्ववर्ती सकॉट मॉरीसन के कंजरवेटिव गठजोड़ को हराकर प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की लेबर पार्टी ने सत्ता हासिल की है। ऑस्ट्रेलिया में एक दशक बाद लेबर पार्टी ने वापसी की है। लेबर पार्टी की ओर से इस चुनाव में वोटर्स से आर्थिक सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण वादे किए गए थे। लेबर पार्टी की वापसी के साथ ही एंथनी अल्बनीज को ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री और रिचर्ड मार्लेस को उप-प्रधानमंत्री चुना गया। उसके बाद से यह ऑस्ट्रेलिया की ओर से यह पहला हाई-लेवल दौरा है।
सितंबर में भारत दौरे पर आ सकती हैं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री डॉ. एक. अब्दुल मोमेन सोमवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर सितंबर की शुरुआत में नई दिल्ली आने की उम्मीद है।
उन्होंने हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री हसीना की नई दिल्ली यात्रा की संभावित तारीखें सितंबर के पहले 10 दिनों के भीतर हो सकती हैं।"
हालांकि विदेश मंत्री मोमेन ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यालय तारीख को अंतिम रूप देगा जबकि नई दिल्ली में उनके भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान समयसीमा का प्रस्ताव रखा गया था।
उन्होंने कहा कि ढाका और नई दिल्ली ने प्रधानमंत्री हसीना की भारत यात्रा से पहले द्विपक्षीय फैसलों को लागू करने का फैसला किया है और ढाका को तब तक बहुप्रतीक्षित संयुक्त नदी आयोग (जेआरसी) की बैठक होने की उम्मीद है। मोमेन और जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली में जेसीसी के सातवें दौर की सह-अध्यक्षता की।
जेसीसी बैठक पर टिप्पणी करते हुए मोमेन ने कहा कि ढाका ने नई दिल्ली के साथ जल बंटवारे और सीमा हत्या सहित सभी बकाया मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा, हमने बहुत अच्छी बैठक की, भारतीय पक्ष ने दोनों देशों के बीच सीमा पार धाराओं के जल प्रबंधन के लिए "अच्छी प्रतिक्रिया" दिखाई।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने भगोड़े बांग्लादेशी व्यवसायी और एनआरबी ग्लोबल बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार हलदार उर्फ पीके हलदार को वापस लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "नई दिल्ली ने हमें भारत में कुछ कानूनी प्रक्रियाओं के बाद हलदार को बांग्लादेश प्राधिकरण को सौंपने का आश्वासन दिया है।"
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मार्लेस देश के उप-प्रधानमंत्री के साथ-साथ रक्षामंत्री भी हैं। उन्होंने चीन की आक्रामकता की ओर इशारा करते हुए कहा कि नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के कारण दशकों से हिंद-प्रशांत में शांति और समृद्धि थी लेकिन अब यह क्षेत्र दबाव का सामना कर रहा है।
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मार्लेस 20 से 23 जून तक की भारत यात्रा के दौरान अपने समकक्ष रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी व्यापक मुद्दों पर वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा से जुड़ी अन्य हस्तियों से भी मिलेंगे।
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ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के सबसे करीबी सुरक्षा साझेदारों में से एक है और यहां की सरकार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने अन्य भागीदारों के साथ ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक रूप से गहरे जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटी है।
उन्होंने आगे कहा, ऑस्ट्रेलिया एक मुक्त, खुले, निष्पक्ष, समावेशी, परस्पर जुड़े हुए, लचीले, सुरक्षित और समृद्ध हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में पिछले महीने ही संसदीय चुनाव हुए हैं। इन चुनावों में पूर्ववर्ती सकॉट मॉरीसन के कंजरवेटिव गठजोड़ को हराकर प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की लेबर पार्टी ने सत्ता हासिल की है। ऑस्ट्रेलिया में एक दशक बाद लेबर पार्टी ने वापसी की है। लेबर पार्टी की ओर से इस चुनाव में वोटर्स से आर्थिक सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण वादे किए गए थे। लेबर पार्टी की वापसी के साथ ही एंथनी अल्बनीज को ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री और रिचर्ड मार्लेस को उप-प्रधानमंत्री चुना गया। उसके बाद से यह ऑस्ट्रेलिया की ओर से यह पहला हाई-लेवल दौरा है।
सितंबर में भारत दौरे पर आ सकती हैं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री डॉ. एक. अब्दुल मोमेन सोमवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर सितंबर की शुरुआत में नई दिल्ली आने की उम्मीद है।
उन्होंने हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री हसीना की नई दिल्ली यात्रा की संभावित तारीखें सितंबर के पहले 10 दिनों के भीतर हो सकती हैं।"
हालांकि विदेश मंत्री मोमेन ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यालय तारीख को अंतिम रूप देगा जबकि नई दिल्ली में उनके भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान समयसीमा का प्रस्ताव रखा गया था।
उन्होंने कहा कि ढाका और नई दिल्ली ने प्रधानमंत्री हसीना की भारत यात्रा से पहले द्विपक्षीय फैसलों को लागू करने का फैसला किया है और ढाका को तब तक बहुप्रतीक्षित संयुक्त नदी आयोग (जेआरसी) की बैठक होने की उम्मीद है। मोमेन और जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली में जेसीसी के सातवें दौर की सह-अध्यक्षता की।
जेसीसी बैठक पर टिप्पणी करते हुए मोमेन ने कहा कि ढाका ने नई दिल्ली के साथ जल बंटवारे और सीमा हत्या सहित सभी बकाया मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा, हमने बहुत अच्छी बैठक की, भारतीय पक्ष ने दोनों देशों के बीच सीमा पार धाराओं के जल प्रबंधन के लिए "अच्छी प्रतिक्रिया" दिखाई।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने भगोड़े बांग्लादेशी व्यवसायी और एनआरबी ग्लोबल बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार हलदार उर्फ पीके हलदार को वापस लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "नई दिल्ली ने हमें भारत में कुछ कानूनी प्रक्रियाओं के बाद हलदार को बांग्लादेश प्राधिकरण को सौंपने का आश्वासन दिया है।"