ओवैसी के सामने पाक जिंदाबाद बोलने वाली लड़की के घर हमला, 14 दिन की जेल, कौन है अमूल्या?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के मंच से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने वाली अमूल्या लियोना के घर पर हमला हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अज्ञात लोगों ने अमूल्या के घर हमला किया।
ence of Amulya(who raised 'Pakistan zindabad' slogan at anti-CAA rally in Bengaluru yesterday) was vandalised by miscreants late last night.Police have begun investigation pic.twitter.com/FQlEwOnj6J
— ANI (@ANI) February 21, 2020
राजद्रोह का केस दर्ज
अमूल्या के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। अमूल्या को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। वहीं, श्री राम सेना और हिंदू जनजागृति समिति के सदस्यों ने अमूल्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।नहीं मिलनी चाहिए जमानत: येदियुरप्पा
अमूल्या की गिरफ्तारी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए, उनके पिता ने भी कहा है कि वह साथ नहीं देंगे। अब यह साबित हो गया कि उसका नक्सलियों से संपर्क था। उसको उचित सजा मिलनी चाहिए।Karnataka CM BS Yediyurappa: Bail should not be given to Amulya (who raised 'Pakistan zindabad' slogan at anti-CAA rally in Bengaluru, yesterday), her father has also said he won't protect her. Its proved now that she had contacts with Naxals. Proper punishment should be given pic.twitter.com/db1krGKXCW
— ANI (@ANI) February 21, 2020
कौन है अमूल्या?
अमूल्या की उम्र 20 साल है। वह बंगलूरू के एनएमकेआरवी महिला कॉलेज से बीए जर्नलिज्म की पढ़ाई कर रही है। वह बंगलूरू में एक रिकॉर्डिंग कंपनी में ट्रांसलेटर के तौर पर भी काम कर चुकी है। उसने सेंट नॉरबेट सीबीएसई स्कूल और मणिपाल के क्राइस्ट स्कूल से पढ़ाई की है। अमूल्या लियोना 'अलनोरोन्हा' के नाम से अलग फेसबुक पेज चलाती है।सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव
अमूल्या फेसबुक के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव है। superprof.co.in पर अमूल्या का वेरीफाइड अकाउंट है, जिसपर उसने बताया है कि वो एक छात्र है। पढ़ाई के साथ उसे कविताएं लिखने का शौक है। इसके अलावा टीचिंग में भी उसकी काफी रूचि है।पिता ने बयान पर जताई नाराजगी
अमूल्या के बयान की उनके पिता ने भी आलोचना की है। अमूल्या की नारेबाजी पर उसके पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अमूल्या ने जो कहा, उसे बर्दाश्त नहीं करूंगा। अमूल्या के पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने एंटी सीएए रैली में जो किया, वह बिल्कुल गलत था। उसने जो कहा वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने कई बार उनसे कहा कि वे मुसलमानों से न जुड़ें, उसने नहीं सुना। मैंने उसे कई बार भड़काऊ बयान नहीं देने के लिए कहा है लेकिन उसने नहीं सुना।
ओवैसी के मंच से लगाया था पाक जिंदाबाद का नारा
बता दें कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में आयोजित कार्यक्रम के आयोजकों के चेहरे का रंग उस समय उड़ गया जब कार्यक्रम में शामिल अमूल्या नामक महिला ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस दौरान एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी वहां मौजूद थे। उन्होंने तुरंत महिला की इस हरकत की निंदा करते हुए कहा कि इससे से सहमत नहीं है और आश्वस्त करते हैं ‘हम भारत के लिए हैं’।
‘संविधान बचाओ’ बैनर तले एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आयोजकों ने जब अमूल्या को मंच पर संबोधन के लिए बुलाया तो उसने लोगों से अपील की वह उसके साथ ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाएं। इस दौरान मंच पर ओवैसी भी मौजूद थे। अमूल्या के ऐसा करते ही ओवैसी ने तुरंत उससे माइक छीन लिया, वहीं अन्य लोगों ने उसे मंच से नीचे उतारने की कोशिश की। इन सबके बावजूद वह लगातार नारे लगाती रही। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर उसे मंच से नीचे उतारा।
महिला को मंच से नीचे उतारे जाने के बाद ओवैसी ने कहा कि न तो मेरा और न ही मेरी पार्टी का उक्त महिला से कोई संबंध है। हम इस कृत्य की निंदा करते हैं। आयोजकों को उसे नहीं बुलाना चाहिए था। अगर मुझे पता होता कि ऐसा होगा तो मैं यहां नहीं आता। हम भारत के लिए हैं और किसी भी तरीके से अपने दुश्मन राष्ट्र पाकिस्तान का समर्थन नहीं करेंगे। हमारा मकसद देश बचाने के लिए है।