चार युद्धों और दो परमाणु परीक्षणों के रहे गवाह, अटल ने 11 प्रधानमंत्रियों का देखा था कार्यकाल
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल के गवाह रहे। 1957 में जब बलरामपुर से चुन कर पहली बार लोकसभा पहुंचे तो पंडित नेहरू देश के पीएम थे। 2006 में जब उन्होंने राजनीति से सन्यास लिया तो मनमोहन सिंह के पास देश की बागडोर थी।
अपने सियासी सफर में अटल पंडित नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, चंद्रशेखर, एचडी देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजरात और मनमोहन सिंह के कार्यकाल का गवाह रहे।
वाजपेयी पाकिस्तान के साथ तीन और चीन के साथ हुए एकमात्र युद्घ के भी गवाह रहे। पाकिस्तान के 1999 में कारगिल के मोर्चे पर हुए युद्घ के दौरान वाजपेयी खुद देश के पीएम थे। इससे पहले शांति बहाली के लिए बस से लाहौर तक की यात्रा के बाद पाकिस्तान की ओर से थोपे गए युद्घ से वाजपेयी बेहद आहत थे।
दोनों परमाणु परीक्षण के भी रहे गवाह
वाजपेयी देश में अब तक हुए दो परमाणु परीक्षणों के गवाह रहे। पोखरण में 1998 में हुए परमाणु परीक्षण के दौरान वाजपेयी खुद पीएम थे। इससे पहले 1974 में हुए परीक्षण के दौरान इंदिरा गांधी पीएम थीं। तब वाजपेयी ने इंदिरा सरकार के इस फैसले का खुलकर समर्थन किया था।