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Pahalgam Attack: 'पहलगाम आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं को मिले सजा', एससीओ-आरएटीएस बैठक में भारत का आह्वान
Wed, 10 Sep 2025 08:49 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 10 Sep 2025 08:49 PM IST
सार
एससीओ-आरएटीएस की बैठक के जरिए भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। भारत ने ये भी साफ किया कि वह आतंकवादियों ही नहीं, बल्कि उन्हें पनाह और मदद देने वालों को भी सजा दिलाने की दिशा में हर संभव कदम उठाएगा।
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एससीओ-आरएटीएस बैठक
- फोटो : X @AIRNewsHindi
विस्तार
भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रीजनल एंटी-टेररिज्म स्ट्रक्चर (आरएटीएस) की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर बड़ा और कड़ा संदेश दिया। भारत ने साफ कहा कि इस हमले के पीछे जो लोग हैं, चाहे वे हमलावर हों, आयोजक हों या उन्हें धन देने वाले, सभी को जवाबदेह ठहराया जाए और सख्त सजा दी जाए। यह बैठक किर्गिस्तान के चोलपोन अता शहर में आयोजित हुई। इसमें ए सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा।
यह भी पढ़ें - Nepal Unrest: प्रदर्शन के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में चार नाम, जानें युवा क्रांति के पीछे के इन चेहरों को
बैठक में हुई कड़ी निंदा
एससीओ-आरएटीएस परिषद ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। बैठक में इस निंदा को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया और इसे तियानजिन घोषणा पत्र में शामिल किया गया। इससे पहले, 1 सितंबर को चीन के तियानजिन शहर में हुई एससीओ की वार्षिक शिखर बैठक में भी इस हमले की तीखी निंदा की गई थी। उस समय भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरा रवैया' अपनाने वालों पर सवाल उठाए थे। भारत का कहना है कि आतंकवाद के मामले में किसी भी देश या संगठन को पक्षपात नहीं करना चाहिए।
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भारत का सख्त रुख
भारत की तरफ से इस बैठक का नेतृत्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टी. वी. रविचंद्रन ने किया। अपने संबोधन में रविचंद्रन ने कहा, 'पहलगाम हमले के प्रायोजकों, आयोजकों और फंड देने वालों को सजा दिलाना बेहद जरूरी है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा रवैया अपनाने से खतरा और बढ़ता है, इसलिए सभी देशों को इसे छोड़ना होगा।'
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SCO-RATS क्या है?
एससीओ का आरएटीएस एक विशेष मंच है, जिसका मुख्य काम आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ाना है। यह संगठन खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त रणनीति बनाने और आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए काम करता है। इस बैठक में लिए गए फैसले पूरे एससीओ क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई के लिए अहम माने जाते हैं। एससीओ में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इस बार बैठक की अध्यक्षता किर्गिस्तान ने की।
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बैठक में हुई कड़ी निंदा
एससीओ-आरएटीएस परिषद ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। बैठक में इस निंदा को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया और इसे तियानजिन घोषणा पत्र में शामिल किया गया। इससे पहले, 1 सितंबर को चीन के तियानजिन शहर में हुई एससीओ की वार्षिक शिखर बैठक में भी इस हमले की तीखी निंदा की गई थी। उस समय भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरा रवैया' अपनाने वालों पर सवाल उठाए थे। भारत का कहना है कि आतंकवाद के मामले में किसी भी देश या संगठन को पक्षपात नहीं करना चाहिए।
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भारत का सख्त रुख
भारत की तरफ से इस बैठक का नेतृत्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टी. वी. रविचंद्रन ने किया। अपने संबोधन में रविचंद्रन ने कहा, 'पहलगाम हमले के प्रायोजकों, आयोजकों और फंड देने वालों को सजा दिलाना बेहद जरूरी है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा रवैया अपनाने से खतरा और बढ़ता है, इसलिए सभी देशों को इसे छोड़ना होगा।'
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SCO-RATS क्या है?
एससीओ का आरएटीएस एक विशेष मंच है, जिसका मुख्य काम आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ाना है। यह संगठन खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त रणनीति बनाने और आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए काम करता है। इस बैठक में लिए गए फैसले पूरे एससीओ क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई के लिए अहम माने जाते हैं। एससीओ में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इस बार बैठक की अध्यक्षता किर्गिस्तान ने की।