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खगोलीय घटना: एस्टेरॉयड-2025 ओजेड पृथ्वी के बेहद करीब से सुरक्षित गुजरा, वैज्ञानिकों ने ली राहत की सांस
Fri, 25 Jul 2025 04:42 AM IST
शिव शुक्ला
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 25 Jul 2025 04:42 AM IST
सार
यह क्षुद्रग्रह भारतीय समयानुसार 24 जुलाई की सुबह लगभग 7:36 बजे अपने निकटतम बिंदु करीब 33.4 लाख किलोमीटर की दूरी से पृथ्वी के पास से गुजरा। इसकी गति लगभग 31,000 मील प्रति घंटे (लगभग 50,000 किमी प्रति घंटे) रही।
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तबाही लाने वाले एस्टेरॉयड से सुरक्षित बची धरती।
- फोटो : Freepik
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विस्तार
पृथ्वी के पास से गुजरने वाला 180 फुट लंबा एस्टेरॉयड '2025 ओजेड' बिना किसी टक्कर या खतरे के सुरक्षित रूप से गुजर गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारत की इसरो सहित दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है।
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नासा के अनुसार, यह क्षुद्रग्रह भारतीय समयानुसार 24 जुलाई की सुबह लगभग 7:36 बजे अपने निकटतम बिंदु करीब 33.4 लाख किलोमीटर की दूरी से पृथ्वी के पास से गुजरा। हालांकि, यह दूरी खगोलीय पैमाने पर निकट मानी जाती है, लेकिन यह किसी तरह के टकराव के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है। इसकी गति लगभग 31,000 मील प्रति घंटे (लगभग 50,000 किमी प्रति घंटे) रही। 2025 ओजेड न तो आकार में और न ही दूरी में नासा की संभावित खतरनाक वस्तु ( पोटेंशियल हैजार्डस ऑब्जेक्ट) की श्रेणी में आता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस श्रेणी में किसी एस्टेरॉयड को शामिल करने के लिए उसकी पृथ्वी से दूरी 74 लाख किलोमीटर से कम और व्यास 85 मीटर से अधिक होना चाहिए।
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2029 में और पास से गुजरने वाले अपोफिस के लिए तैयारी
इसरो ने भी इस खगोलीय घटना पर निगरानी रखी और कहा, वह 2029 में पृथ्वी के और भी पास से गुजरने वाले एस्टेरॉयड 'अपोफिस' के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। यह मिशन केवल निगरानी नहीं बल्कि एस्टेरॉयड पर उतरने और उसे पृथ्वी से टकराने से रोकने के संभावित उपायों के परीक्षण के लिए भी होगा। इसरो, नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) और जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा के साथ मिलकर पृथ्वी की रक्षा के लिए अंतरिक्ष आधारित रणनीतियों पर काम कर रहा है।
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