स्मृति शेष: एडीआर के सह-संस्थापक जगदीप छोकर नहीं रहे, चुनाव सुधारों से जुड़े कई फैसलों में रही अहम भूमिका
25 नवंबर, 1944 को जन्मे जगदीप एस छोकर ने शिक्षा जगत में कदम रखने से पहले रेलवे में अपना कॅरिअर शुरू किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय से एमबीए किया और बाद में अमेरिका के लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि हासिल की।
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चुनाव सुधारों के पैरोकार और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के सह-संस्थापक जगदीप एस छोकर (80) का शुक्रवार को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद के सेवानिवृत्त प्रोफेसर छोकर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 1999 में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की स्थापना की।
पिछले दो दशकों में, इस संगठन ने कई ऐतिहासिक न्यायिक हस्तक्षेप का नेतृत्व किया है। इसके परिणामस्वरूप भारतीय राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। इनमें 2002 का सर्वोच्च न्यायालय का वह फैसला शामिल है, जिसमें उम्मीदवारों के लिए अपने आपराधिक मामलों, संपत्तियों और शैक्षणिक योग्यताओं का खुलासा करना अनिवार्य किया गया था। इसके अलावा 2024 के चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द करने वाले शीर्ष अदालत के फैसले में भी एडीआर ने सशक्त न्यायिक हस्तक्षेप किया।
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रेलवे से शुरू किया कॅरिअर
25 नवंबर, 1944 को जन्मे छोकर ने शिक्षा जगत में कदम रखने से पहले रेलवे में अपना कॅरिअर शुरू किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय से एमबीए किया और बाद में अमेरिका के लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि हासिल की।
- वह 1985 में आईआईएम-अहमदाबाद पहुंचे और 2006 में अपनी सेवानिवृत्ति तक संगठनात्मक व्यवहार के क्षेत्र में अध्यापन किया। छोकर ने आईआईएम-अहमदाबाद में अपने कार्यकाल के दौरान डीन और प्रभारी निदेशक के रूप में भी सेवाएं दी।
कई हस्तियों ने किया नमन
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने कहा-जगदीप छोकर हमेशा स्वच्छ चुनाव के लिए लड़ते रहे। उन्होंने अपना शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान कर दिया है। पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने पोस्ट किया, प्रोफेसर जगदीप छोकर ने एडीआर का नेतृत्व किया, जिसने चुनावी लोकतंत्र के उच्च मानकों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके और एडीआर जैसे लोग अधिकारियों से सवाल पूछने के लिए बेहद जरूरी हैं, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत है। इसके अलावा, राजद सांसद मनोज कुमार झा, कार्यकर्ता और चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण, कार्यकर्ता हर्ष मंदर, तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष, राजनेता सुभाषिनी अली, कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड और शबनम हाशमी ने एडीआर सह-संस्थापक जगदीप छोकर को याद किया।