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CRPF: सीआरपीएफ की ऑपरेशनल ड्यूटी में घायल कार्मिकों की सहायता राशि बढ़ी, शैक्षणिक सहायता में भी वृद्धि
सार
जवानों और अधिकारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति/शैक्षणिक सहायता में राशि में भी वृद्धि की गई है। मृत्यु के बाद प्रदान की जाने वाली तत्कालिक सहायता राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।
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सीआरपीएफ
- फोटो : ANI
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने ऑपरेशनल ड्यूटी में गंभीर तौर पर घायल कार्मिकों की सहायता राशि में बढ़ोतरी की है। जवानों और अधिकारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति/शैक्षणिक सहायता में राशि में भी वृद्धि की गई है। मृत्यु के बाद प्रदान की जाने वाली तत्कालिक सहायता राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। दो सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती होना, सहायता राशि के यह शर्त भी हटा दी गई है। पिछले दिनों हुई रेजीमैंटल फंड की वर्ष 2024-25 की शासी निकाय की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं। ये सभी निर्णय एक जनवरी 2026 से लागू होंगे।
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ऑपरेशन ड्यूटी के दौरान घायल/विकलांग कार्मिकों को दी जाने वाली वित्तीय राशि में बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय कल्याण निधि से दी जा रही सहायता राशि को दोगुना किया गया है। इसके साथ ही 'सी' श्रेणी में अनिवार्य 'दो सप्ताह से अधिक दिन तक अस्पताल में भर्ती' शर्त को भी समाप्त कर दिया गया है। मामूली चोट, जिसमें कानून व्यवस्था कायम रखने के दौरान हुआ पत्थराव, राहत एचं बचाव कार्यों के दौरान घायल होना या किसी अन्य ऑपरेशन में मामूली चोट लगना, इन सबके चलते अभी तक सीआरपीएफ कार्मिक को 4000 रुपये मिलते रहे हैं। अब इस राशि को बढ़ाकर 8000 रुपये कर दिया गया है।
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कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पत्थराव, राहत एचं बचाव कार्यों में घायल होना या किसी अन्य ऑपरेशनल ड्यूटी में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती होना, हड्डी में फ्रेक्चर और टांके लगना आदि, इन सबके लिए वर्तमान में 25000 रुपये दिए जाते हैं। अब इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है।
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गोली, स्पिलंटर और ब्लास्ट, इनके चलते गंभीर तौर पर घायल हुए कार्मिकों को 50 हजार रुपये दिए जाते थे, बशर्ते वे दो सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहे हों। कार्मिक, स्थायी रूप से दिव्यांग न हो। अब दो सप्ताह से अधिक दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना, यह शर्त हटा दी गई है। इसके अलावा घायल कार्मिक को पचास हजार रुपये की बजाए एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। ऑपरेशनल ड्यूटी में गंभीर तौर पर कार्मिक घायल हुआ है और वह अस्पताल में भर्ती है। स्थायी दिव्यांगता की स्थिति है तो ऐसे केस में दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।
मृत्यु के मामलों में केंद्रीय कल्याण निधि से प्रदान की जाने वाली तत्कालिक सहायता राशि में बढ़ोतरी को लेकर शासी निकाय की बैठक में मौजूद सभी सदस्यों से सुझाव मांगे गए थे। इन पर गहन विचार विमर्श करने के बाद शासी निकाय ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि मृत्यु के बाद प्रदान की जाने वाली तत्कालिक सहायता राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। इसमें केंद्रीय कल्याण निधि से 80 हजार और डब्लूएएफ से 20000 रुपये दिए जाएंगे।
शासी निकाय की बैठक में मौजूद सभी सदस्यों से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि कक्षा 9 से 12 तक छात्रवृत्ति/शैक्षणिक सहायता की राशि में बढ़ोतरी की गई है। वर्तमान में यह राशि 2000 रुपये है, अब इसे तीन हजार रुपये कर दिया गया है। कालेज स्तर पर वर्तमान में 2500 रुपये (आर्ट्स व कॉमर्स) मिलते हैं। अब इस राशि को 3800 रुपये कर दिया गया है। कालेज लेवल पर ही विज्ञान के लिए अभी तक 3000 रुपये मिलते रहे हैं, अब इस राशि को 4500 रुपये कर दिया गया है।
तकनीकी कैटेगरी में राजपत्रित अधिकारी को 18000 रुपये, अधीनस्थ अधिकारी को 28800 रुपये और अन्य रैंकों के लिए 36000 रुपये तय किए गए थे। अब इस राशि में राजपत्रित अधिकारी के लिए 22500 रुपये, अधीनस्थ अधिकारी के लिए 40 हजार रुपये और अन्य रैंकों के लिए 54000 रुपये तय किए गए हैं। प्रोफेसनल कैटेगरी में राजपत्रित अधिकारी के लिए 7500 रुपये, अधीनस्थ अधिकारी के लिए 9500 रुपये और अन्य रैंक में 11500 रुपये तय हैं। अब राजपत्रित अधिकारी के लिए 10500 रुपये, अधीनस्थ अधिकारी के लिए 13800 रुपये और अन्य रैंक में 17300 रुपये तय किए गए हैं।