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दीदी ने दिखाया पहले से ज्यादा दम, जयललिता की फिर जय-जय, असम में पहली बार खिला कमल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 19 May 2016 05:10 PM IST
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में दीदी, अम्मा और बीजेपी का जलवा
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असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से साफ हो गया है कि कहां पर किसकी सरकार बनने जा रही है। जहां एक ओर असम में कमल खिल गया है, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी जीत गई हैं। पीएम मोदी ने भी ममता बनर्जी और जयललिता को फोन करके जीत की बधाई दी है। आइए जानते हैं अलग-अलग राज्यों में क्या रहा सीटों का हाल।
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असम: पहली बार खिला कमल का फूल
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सबसे अहम था असम का चुनाव, क्योंकि पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि इस बार का असम का चुनाव भाजपा के लिए बहुत अहम रहने वाला है और हुआ भी ऐसा ही। असम की कुल 126 सीटों में से 89 सीटों के साथ भाजपा के सर्बानंद सोनोवाल ने जीत हासिल कर ली है। आपको बता दें कि असम में पहली बार भाजपा की सरकार आई है। अपनी जीत पर सर्बानंद सोनोवाल ने जनता को धन्यवाद कहा। इसके अलावा कांग्रेस को 21, एआईयूडीएफ को 14 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं।
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पश्चिम बंगाल: ममता का जलवा कायम
पश्चिम बंगाल में ममता का जलवा फिर से कायम रहा है। इस बार के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी ने जोरदार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। जहां पिछली बार तृणमूल कांग्रेस 184 सीटों के साथ पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हुई थी, वहीं इस बार के चुनाव में 213 सीटें हासिल करके एक नया इतिहास रच दिया है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कुल 294 सीटों पर हुआ था, जिनमें से 213 सीटें तृणमल कांग्रेस के खाते में आ गईं। अपनी जीत के लिए ममता बनर्जी ने जनता का धन्यवाद किया और कहा कि विपक्षी पार्टियों ने उनके खिलाफ बहुत सारा झूठा प्रचार भी किया गया, लेकिन उन्होंने उस तरफ ध्यान नहीं दिया। इस चुनाव में वाम मोर्चा को 74, भाजपा को 3 और अन्य को 4 सीटें मिली हैं।
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तमिलनाडु: 27 साल जीती सत्ताधारी पार्टी, रचा इतिहास
तमिलनाडु के चुनाव में करुणानिधि और जयललिता में तगड़ी टक्कर देखने को मिली। करुणानिधि को हराते हुए सत्ताधारी पार्टी की मुख्यमंत्री जयललिता ने विजय पताका फहरा दी है। पिछले 27 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई सत्ताधारी पार्टी चुनाव जीती है। इससे पहले एआईडीएमके एमजी रामचन्द्रन ने ये इतिहास रचा था। आपको बता दें कि एमजी रामचन्द्रन जयललिता के गुरु थे, जो उन्हें राजनीति में लाए थे। रामचंद्रन भी अभिनेता थे, जिन्होंने जयललिता के साथ भी काम किया था। जयललिता ने तमिलनाडु में कुल 234 सीटों में से 126 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं दूसरी ओर डीएमके प्रमुख करुणानिधि को 105 सीटें और अन्य को 1 सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली है।
केरल: कांग्रेस को पटखनी देकर एलडीएफ निकला आगे
केरल में कांग्रेस की सरकार को हार का मुंह देखना पड़ा है और एलडीएफ इसे पटखनी देते हुए आगे निकल गई है। यहां की कुल 140 सीटों में से 85 सीटें एलडीएफ ने जीत ली हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को सिर्फ 46 सीटें मिली हैं। केरल में कांग्रेस ने इस बार 46 सीटें हासिल की हैं। इसके अलावा भाजपा को एक और अन्य ने 8 सीटें जीती हैं।
पुडुचेरी: लाज बचा सकती है कांग्रेस
इस विधानसभा चुनाव में सिर्फ पुडुचेरी ही ऐसा राज्य है, जहां पर कांग्रेस अपनी लाज बचा सकती है। इसी सीट पर सबसे अधिक उठापटक भी देखने को मिल रही है। कभी कांग्रेस तो कभी एआईएनआरसी आगे हो जाती है। फिलहाल यहां पर कांग्रेस 17 सीटों पर आगे है, जबकि एआईएनआरसी 8 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं एआईडीएमके महज 4 सीटों पर आगे हैं, जबकि अन्य के खाते में भी एक सीट है।
नोट- यह आंकड़े शाम 4.20 बजे तक के रुझान के आधार पर बताए गए हैं।