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असम चुनाव : किस पर मेहरबान होगी असम की जनता?

Tue, 12 Apr 2016 05:32 AM IST
रीता तिवारी/ अमर उजाला,गुवाहाटी
रीता तिवारी/ अमर उजाला,गुवाहाटी Updated Tue, 12 Apr 2016 05:32 AM IST
सार

  • सभी सीटों के लिए वोटिंग पूरी होने के बाद शुरू हुआ कयासों का दौर
  • पर, 19 मई को मतपेटी खुलने के बाद ही होगी जीत की तस्वीर साफ 

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assembly election 2016 in assam
- फोटो : PTI

विस्तार

भले ही असम विधानसभा चुनावों के नतीजे 19 मई को मतपेटियों के खुलने पर सामने आएंगे, लेकिन कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। क्या चुनावों में ऐड़ी-चोटी का जोर लगा देने वाली भाजपा को पहली बार राज्य की सत्ता मिलेगी या फिर लोग एक बार फिर मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर ही भरोसा जताएंगे।

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क्या विधानसभा त्रिशंकु होगी और एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल सचमुच किंगमेकर की भूमिका में नजर आएंगे। पूर्वोत्तर राज्य असम में सोमवार को दूसरे चरण के मतदान खत्म होने के बाद से इन सवालों पर कयासबाजी शुरू हो गई है। 
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जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। उनमें असम पहला राज्य है, जहां सभी 126 सीटों के लिए मतदान सोमवार को पूरा हो गया। पहले चरण में चार अप्रैल को राज्य की 65 सीटों के लिए 78 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े थे। अब बाकी 61 सीटों पर भी सोमवार को भारी मतदान हुआ।

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अपने अपने तरीके से निकाले जा रहे हैं मतलब

assembly election 2016 in assam
भाजपा भी कर रही है दावा - फोटो : PTI

तमाम राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से भारी मतदान का मतलब तलाशने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने जहां एक बार फिर कांग्रेस की ही सरकार बनने का दावा किया है।

वहीं भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि लोगों ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। दूसरी ओर, बदरुद्दीन अजमल ने विधानसभा के त्रिशंकु होने और सरकार के गठन में अपनी भूमिका अहम होने का दावा किया है। हर राजनीतिक दल के पास अपने समर्थन में दलीलें और आंकड़े हैं।

दूसरे दौर में जिन दिग्गजों की किस्मत मतपेटी में बंद हुई उनमें गोगोई सरकार के तीन कैबिनेट मंत्रियों के अलावा दो बार मुख्यमंत्री रहे अगप नेता प्रफुल्ल महंत, एआईयीडूएफ के अध्यक्ष और धुबड़ी के सांसद बदरुद्दीन अजमल और पूर्व कांग्रेसी मंत्री हिमंत विश्वशर्मा प्रमुख हैं। अब जनता ने किसके दावे पर भरोसा किया है यह तो अगले महीने ही पता चलेगा, उससे पहले कयासों का दौर लगातार तेज होने की संभावना है।

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