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Assam Politics: CM हिमंत बोले- शिकायत पर कटे लाखों संदिग्ध नाम, बांग्लादेशी मुस्लिम के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

Wed, 11 Feb 2026 12:18 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 11 Feb 2026 12:18 PM IST
सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर जांच के बाद वोटर लिस्ट से लाखों संदिग्ध नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग की फाइनल लिस्ट में 2.43 लाख से ज्यादा नाम कम हुए हैं। इस बातचीत के दौरान सरमा ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अपनी जंग जारी रखने के संकल्प को भी दोहराया।

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Assam will continue fight against illegal Muslim immigrants Bangladesh Himanta Biswa Sarma
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : ANI

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए अवैध प्रवासियों के खिलाफ अपने सख्त रुख को फिर से दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश से आए गैर-कानूनी मुस्लिम अप्रवासी के खिलाफ उनकी सरकार का अभियान निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा राज्य में चल रहे स्पेशल रिवीजन (SR) यानी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखाते हुए लाखों संदिग्ध मतदाताओं के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं।

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क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन शिकायतों की जांच के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में संदिग्ध नाम हटा दिए गए हैं। सरमा ने इस कार्रवाई को असम की जनसांख्यिकी और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को घुसपैठियों से मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है और यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक एक-एक अवैध मतदाता की पहचान नहीं हो जाती।

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काटे गए 2.43 लाख से ज्यादा नाम 
उनकी इस टिप्पणी से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने असम की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें ड्राफ्ट रोल से 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए थे। गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। जब विशेष गहन सुधार (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) होगा, तब ऐसे और भी नाम लिस्ट से बाहर किए जाएंगे।
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सीएम ने की कार्यकर्ताओं की तारीफ
मुख्यमंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें डराया और धमकाया गया, लेकिन वे पीछे नहीं हटे। उन्होंने संदिग्ध वोटर्स के खिलाफ अपनी शिकायतें जारी रखीं। मंगलवार को जारी हुई फाइनल वोटर लिस्ट के अनुसार, असम में अब कुल 2.49 करोड़ वोटर्स हैं। यह संख्या ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले 0.97 प्रतिशत कम है। अपने संबोधन के आखिर में सरमा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों के खिलाफ उनकी यह जंग जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि राज्य की वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध बनाने के लिए सरकार और पार्टी लगातार काम करती रहेगी।


जंगल की जमीन से अवैध कब्जा हटाने का अभियान जारी
इसके साथ सीएम ने कहा कि सरकारी और जंगल की जमीन से अवैध कब्जा हटाने का अभियान भी जारी रहेगा। राज्य में करीब 26-27 लाख बीघा जमीन पर अभी गैर-कानूनी कब्जा है। सरकार ने इसी कोशिश के तहत दस फरवरी को करीमगंज जिले में बेदखली अभियान चलाया था। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार अवैध कब्जा करने वालों और वहां के मूल निवासी आदिवासियों के बीच फर्क कर रही है। जब पात्र आदिवासियों को जंगल की जमीन के पट्टे मिल जाएंगे, तो बेदखली का दायरा घटकर 20 लाख बीघा रह जाएगा। यह पूरी कार्रवाई सरकारी जमीन वापस लेने और आदिवासियों को उनके अधिकार देने की नीति का हिस्सा है।

सुप्रीम कोर्ट ने गोलाघाट जिले के दोयांग रिजर्व फॉरेस्ट में अवैध कब्जा करने वालों की पहचान के लिए एक कमेटी बनाने की अनुमति दी है। कोर्ट ने जंगल की जमीन पर कब्जे को पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है। कोर्ट के निर्देशानुसार, कमेटी पहले कब्जा करने वालों को नोटिस देगी और उन्हें अपनी बात रखने का मौका देगी। अतिक्रमण साबित होने के बाद ही बेदखली की कार्रवाई शुरू होगी। अगर रिजर्व फॉरेस्ट में अवैध कब्जा मिलता है, तो प्रशासन को एक लिखित आदेश जारी करना होगा। इसके बाद कब्जा करने वाले व्यक्ति को जगह खाली करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा।

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