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उत्तर भारत की सियासत के लिए एक बड़ी नजीर पेश कर रहा असम 

Sun, 10 Apr 2016 12:24 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, गुवाहाटी
एम संजय/ अमर उजाला, गुवाहाटी Updated Sun, 10 Apr 2016 12:24 AM IST
सार

  •  जाति पर हावी है असम अस्मिता का मुद्दा
  • छात्र आंदोलन ने प्रदेश की सोच बदली 
     

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Assam setting example for politics in North India
असम - फोटो : bbc

विस्तार

पूर्वोत्तर का द्वार कहे जाने वाला असम उत्तर भारत की सियासत के सामने एक बड़ी नजीर पेश कर रहा है। यहां की राजनीति में उत्तर भारत की तरह जाति की जकड़न नहीं है और यहां असम अस्मिता का जज्बा हावी है।

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हिंदू हों या असमिया मुस्लिम, सब असम की अस्मिता से जुड़े हैं। असम की सोच में आया ये बदलाव छात्र आंदोलन की वजह से है। असम के राजनीतिक शिखर पर आज जितने भी चमकते चेहरे हैं, वे सब छात्र राजनीति से निकले हुए हैं।
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भाजपा के सर्वानंद सोनोवाल हों या हेमंत विश्व शर्मा दोनों ही छात्र संगठन आसू से निकले हुए हैं। वहीं, असम गण परिषद का पूरा नेतृत्व आसू से तैयार हुआ है। हालांकि यहां की कुछ मूल जनजातियों बोडो-राभा, मिसी, कारबी और दिमसार के बीच आपसी संघर्ष है, लेकिन वह भी उनकी वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। 

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जाति पर हावी है असम अस्मिता का मुद्दा

Assam setting example for politics in North India
महिलाओं के बीच भी भाजपा के प्रति रूझान - फोटो : PTI

असम की पहचान बचाने को लेकर आसू के नेतृत्व में चले जबरदस्त आंदोलन की छाप आज भी प्रदेश के युवा पर है। इसकी वजह से ही यहां की सियासत में जाति की जगह नहीं है। यही वजह है कि असम के विधानसभा चुनाव का मुद्दा जात-पात नहीं, बल्कि असम की अस्मिता है।

कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ही दल असम अस्मिता को अपने-अपने तरीके से मुद्दा बनाए हुए हैं। मगर भाजपा की अस्मिता वाले मुद्दे में हिंदुत्व का तड़का है। इसके जरिये उसका निशाना बांग्लादेशी घुसपैठियां हैं।

भाजपा का कहना है कि सत्ता में आने के बाद वे बांग्लादेशियों से सत्र (मंदिर) और जनजातियों की जमीन मुक्त कराएंगे, जिसे अवैध तरीके से कब्जाया गया है। पार्टी का कहना है कि ऐसा करने से असम की संस्कृति और अस्मिता को बचाया जा सकता है।

वैसे भाजपा ने मूल जनजातियों को भी आपस में जोड़ने का काम किया है। बोडो और राभा एक दूसरे को न देख सकने वाली जनजातियां हैं। मगर पार्टी ने चुनावी तालमेल बैठाते हुए दोनों को एकसाथ ला खड़ा किया है।

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