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Assam: जिस बच्चे को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, अंतिम संस्कार में निकला जिंदा, अस्पताल के खिलाफ FIR दर्ज
Thu, 05 Oct 2023 11:59 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिलचर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिलचर
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 05 Oct 2023 11:59 AM IST
सार
बच्चे के पिता ने बताया कि सिलचर पहुंचने के बाद शव वाला पैकेट खोला तो उसमें बच्चा रो रहा था। इस घटना के बाद मालिनीबिल इलाके के निवासियों ने डॉक्टरों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
असम के सिलचर शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है। दरअसल, डॉक्टरों ने जिस नवजात शिशु को मृत घोषित कर दिया था, अंतिम संस्कार के दौरान वह जीवित पाया गया।
यह घटना मंगलवार की है, जब गर्भवती महिला को सिलचर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों को उनकी प्रसव प्रक्रिया में समस्याएं आ रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि मां और बच्चे में से किसी एक को ही बचाया जा सकता है। बच्चे के पिता ने बताया कि डॉक्टरों के कहने पर उन्होंने प्रसव कराने की इजाजत दे दी थी। हालांकि, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी पत्नी ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया है। बुधवार की सुबह उन्हें बच्चे का शव और मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया।
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डॉक्टरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
बच्चे के पिता ने बताया कि सिलचर पहुंचने के बाद जब उन्होंने शव वाला पैकेट खोला तो उसमें बच्चा रो रहा था। इस घटना के बाद मालिनीबिल इलाके के निवासियों ने डॉक्टरों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। एक स्ठानीय नागरिक ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना पता लगाए ही बच्चे को मृत घोषित कर दिया और उसे कूड़े की तरह पैकेट में भर रखा था।
अस्पताल ने इसपर सफाई पेश करते हुए बताया कि शिशु को मृत घोषित करने के आठ घंटे बाद तक निगरानी में रखा गया था। एक कर्मचारी ने बताया कि बच्चे का बार-बार निरिक्षण भी किया गया था। इस घटना के बाद बच्चों के परिवारवालों ने अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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यह घटना मंगलवार की है, जब गर्भवती महिला को सिलचर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों को उनकी प्रसव प्रक्रिया में समस्याएं आ रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि मां और बच्चे में से किसी एक को ही बचाया जा सकता है। बच्चे के पिता ने बताया कि डॉक्टरों के कहने पर उन्होंने प्रसव कराने की इजाजत दे दी थी। हालांकि, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी पत्नी ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया है। बुधवार की सुबह उन्हें बच्चे का शव और मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया।
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डॉक्टरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
बच्चे के पिता ने बताया कि सिलचर पहुंचने के बाद जब उन्होंने शव वाला पैकेट खोला तो उसमें बच्चा रो रहा था। इस घटना के बाद मालिनीबिल इलाके के निवासियों ने डॉक्टरों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। एक स्ठानीय नागरिक ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना पता लगाए ही बच्चे को मृत घोषित कर दिया और उसे कूड़े की तरह पैकेट में भर रखा था।
अस्पताल ने इसपर सफाई पेश करते हुए बताया कि शिशु को मृत घोषित करने के आठ घंटे बाद तक निगरानी में रखा गया था। एक कर्मचारी ने बताया कि बच्चे का बार-बार निरिक्षण भी किया गया था। इस घटना के बाद बच्चों के परिवारवालों ने अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।