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असम: आठ दशक बाद ब्रह्मपुत्र से फिर शुरू होगा विदेशी व्यापार, बांग्लादेश जाएगा 1,080 टन मेथनॉल
Tue, 29 Sep 2026 06:39 PM IST
एन अर्जुन
अमर उजाला, ब्यूरो, गुवाहाटी।
अमर उजाला, ब्यूरो, गुवाहाटी।
Published by: एन अर्जुन
Updated Tue, 29 Sep 2026 06:39 PM IST
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मालवाहक जहाज (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : एएनआई
ह्मपुत्र एक बार फिर असम को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की तैयारी में है। करीब आठ दशक बाद डिब्रूगढ़ से नदी के रास्ते विदेशी व्यापार की कड़ी जुड़ने जा रही है। नामरूप स्थित असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (एपीएल) का 1,080 टन मेथनॉल दो मालवाहक जहाजों से बांग्लादेश भेजा जाएगा। दोनों जहाज बोगीबील स्थित नए अंतर्देशीय जल परिवहन टर्मिनल से रवाना होंगे। हालांकि, इनके रवाना होने की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। एपीएल के चेयरमैन बिकुल डेका ने भी शुरुआत की तारीख स्पष्ट नहीं की है।
स्वतंत्रता के बाद पहली ऐसी खेप का दावा
एपीएल के चेयरमैन के मुताबिक, स्वतंत्र भारत में डिब्रूगढ़ से ब्रह्मपुत्र के रास्ते विदेशी व्यापार के लिए स्थानीय स्तर पर बने सामान की ऐसी आवाजाही की जानकारी नहीं है। इसी आधार पर इस खेप को स्वतंत्रता के बाद डिब्रूगढ़ से विदेशी गंतव्य के लिए पहली वाणिज्यिक कार्गो आवाजाही बताया जा रहा है। ब्रिटिश दौर में डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र के जरिये देश और विदेश के लिए होने वाले नदी व्यापार का अहम केंद्र था।
दोनों जहाजों में 27-27 कंटेनर होंगे। प्रत्येक कंटेनर में करीब 20 टन मेथनॉल लादा जाएगा। इस तरह एक जहाज करीब 540 टन और दोनों जहाज मिलकर 1,080 टन मेथनॉल ले जाएंगे। बोगीबील से बांग्लादेश सीमा तक करीब 783 किलोमीटर की जलयात्रा लगभग सात दिन में पूरी होने का अनुमान है। इसके बाद खेप को ढाका तक पहुंचाया जाएगा।
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30 साल बाद फिर नदी में उतरे जहाज
इस अभियान की खास बात यह है कि दोनों जहाज असम सरकार के अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के हैं। करीब तीन दशक तक इस्तेमाल से बाहर रहे इन जहाजों की गुवाहाटी के पांडु घाट पर मरम्मत कराई गई और एपीएल ने इन्हें लीज पर लिया है। इनमें से डीएलबी पतकी नामक जहाज 27 आईएसओ टैंकों के साथ गुवाहाटी से बोगीबील पहुंच चुका है।
बोगीबील टर्मिनल पर सीमा शुल्क कार्यालय, जेट्टी और गोदाम तैयार हैं। इसके पूरी तरह सक्रिय होने पर ब्रह्मपुत्र के रास्ते असम के दूसरे उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावना है। इनमें बीसीपीएल के उत्पाद, पॉलिमर, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला और चाय उद्योग से जुड़ा माल शामिल है। कृषि उत्पादों के लिए भी नया रास्ता खुल सकता है।
नई जल व्यापार कड़ी
- 1,080 टन - बांग्लादेश भेजा जाएगा मेथनॉल
- दो जहाज- पहली खेप के लिए तैयार
- 54 कंटेनर- दोनों जहाजों में कुल
- 27 कंटेनर- प्रत्येक जहाज में
- 20 टन- प्रत्येक कंटेनर की क्षमता
- 783 किमी-बोगीबील से बांग्लादेश सीमा तक
- करीब 7 दिन- अनुमानित जलयात्रा
- 30 साल-दोनों पुराने जहाज इस्तेमाल से बाहर रहे
- बोगीबील-अंतरराष्ट्रीय कार्गो के लिए नया टर्मिनल
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स्वतंत्रता के बाद पहली ऐसी खेप का दावा
एपीएल के चेयरमैन के मुताबिक, स्वतंत्र भारत में डिब्रूगढ़ से ब्रह्मपुत्र के रास्ते विदेशी व्यापार के लिए स्थानीय स्तर पर बने सामान की ऐसी आवाजाही की जानकारी नहीं है। इसी आधार पर इस खेप को स्वतंत्रता के बाद डिब्रूगढ़ से विदेशी गंतव्य के लिए पहली वाणिज्यिक कार्गो आवाजाही बताया जा रहा है। ब्रिटिश दौर में डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र के जरिये देश और विदेश के लिए होने वाले नदी व्यापार का अहम केंद्र था।
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दोनों जहाजों में 27-27 कंटेनर होंगे। प्रत्येक कंटेनर में करीब 20 टन मेथनॉल लादा जाएगा। इस तरह एक जहाज करीब 540 टन और दोनों जहाज मिलकर 1,080 टन मेथनॉल ले जाएंगे। बोगीबील से बांग्लादेश सीमा तक करीब 783 किलोमीटर की जलयात्रा लगभग सात दिन में पूरी होने का अनुमान है। इसके बाद खेप को ढाका तक पहुंचाया जाएगा।
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30 साल बाद फिर नदी में उतरे जहाज
इस अभियान की खास बात यह है कि दोनों जहाज असम सरकार के अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के हैं। करीब तीन दशक तक इस्तेमाल से बाहर रहे इन जहाजों की गुवाहाटी के पांडु घाट पर मरम्मत कराई गई और एपीएल ने इन्हें लीज पर लिया है। इनमें से डीएलबी पतकी नामक जहाज 27 आईएसओ टैंकों के साथ गुवाहाटी से बोगीबील पहुंच चुका है।
बोगीबील टर्मिनल पर सीमा शुल्क कार्यालय, जेट्टी और गोदाम तैयार हैं। इसके पूरी तरह सक्रिय होने पर ब्रह्मपुत्र के रास्ते असम के दूसरे उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावना है। इनमें बीसीपीएल के उत्पाद, पॉलिमर, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला और चाय उद्योग से जुड़ा माल शामिल है। कृषि उत्पादों के लिए भी नया रास्ता खुल सकता है।
नई जल व्यापार कड़ी
- 1,080 टन - बांग्लादेश भेजा जाएगा मेथनॉल
- दो जहाज- पहली खेप के लिए तैयार
- 54 कंटेनर- दोनों जहाजों में कुल
- 27 कंटेनर- प्रत्येक जहाज में
- 20 टन- प्रत्येक कंटेनर की क्षमता
- 783 किमी-बोगीबील से बांग्लादेश सीमा तक
- करीब 7 दिन- अनुमानित जलयात्रा
- 30 साल-दोनों पुराने जहाज इस्तेमाल से बाहर रहे
- बोगीबील-अंतरराष्ट्रीय कार्गो के लिए नया टर्मिनल