Assam: CM बोले- कांग्रेस का एजेंडा परिवार के खाने की मेज पर बनता है, नेताओं का राहुल-सोनिया से मिलना अकल्पनीय
सरमा गुरुवार को बारपेटा जिले के चकचका में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सिर्फ परिवार की जरुरत के अनुसार एजेंडा और विचारधारा बदल जाती है। परिवार के भोजन की मेज पर तय किए गए एजेंडे का कार्यकर्ता पालन करते हैं।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा एक बार फिर कांग्रेस पर हमलावर हो गए। उन्होंने कांग्रेस की जमकर आलोचना की। सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस एक परिवार केंद्रित पार्टी है। पार्टी का एजेंडा परिवार के खाने के मेज पर तय होता है। किसी कांग्रेसी कार्यकर्ता के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मुलाकात अकल्पनीय होता है। भाजपा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। इसे कार्यकर्ताओं ने बनाया है। सरमा ने जोर दिया कार्यकर्ताओं की मदद से भाजपा इस बार 400 से अधिक सीटें जीतेगी।
पहली कार्यकारिणी बैठक का साझा किया अनुभव
सरमा गुरुवार को बारपेटा जिले के चकचका में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सिर्फ परिवार की जरुरत के अनुसार एजेंडा और विचारधारा बदल जाती है। परिवार के भोजन की मेज पर तय किए गए एजेंडे का कार्यकर्ता पालन करते हैं। सरमा ने इस दौरान ओडिशा में आयोजित हुई भाजपा की अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि मैं अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ था। मैं यह देखकर हैरान था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठ कर खाना खा रहे थे। साथ में अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और धर्मेंद्र प्रधान जैसे शीर्ष नेता भी शामिल थे। मैं और खांडू कांग्रेस से आए थे और हमारे लिए सोनिया और राहुल का साथ एक मेज पर खाना अकल्पनीय हुआ करता था और यहां पीएम सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता साथ में खाना खा रहे थे।
भाजपा का एजेंडा पार्टी कार्यालयों में बनता है
सरमा ने कहा कि कांग्रेस में सबसे पहले परिवार आता है फिर देश आता है। वहीं, भाजपा में तो मोदी जी खुद कहते हैं कि पहले राष्ट्र, फिर पार्टी फिर परिवार। अमित शाह जैसे कद्दावर नेता किसी होटल के बजाए पार्टी कार्यकर्ता के घर में खाना खाने में खुशी महसूस करते हैं। सरमा ने कहा कि समय बदल सकता है लेकिन भाजपा की वैचारिक बुनियाद नहीं बदल सकती। भाजपा का एजेंडा किसी परिवार के खाने के मेज पर नहीं बनता बल्कि पार्टी कार्यालयों में बनता है।