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Assam: कैबिनेट ने दी बहुविवाह पर प्रतिबंध के प्रस्ताव वाले विधेयक को मंजूरी, जानें क्या प्रावधान-कब होगा पेश
Sun, 09 Nov 2025 10:40 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 09 Nov 2025 10:40 PM IST
सार
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक में छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों के लिए कुछ अपवाद शामिल किए जा सकते हैं।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत दोषी पाए जाने वालों को सात वर्ष तक की कठोर जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक में छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों के लिए कुछ अपवाद शामिल किए जा सकते हैं। सरकार बहुविवाह से पीड़ित महिलाओं के लिए एक नया कोष भी बनाएगी, जिससे उन्हें अपने जीवन को आगे बढ़ाने में किसी तरह की कठिनाई न हो।
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कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक में छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों के लिए कुछ अपवाद शामिल किए जा सकते हैं। सरकार बहुविवाह से पीड़ित महिलाओं के लिए एक नया कोष भी बनाएगी, जिससे उन्हें अपने जीवन को आगे बढ़ाने में किसी तरह की कठिनाई न हो।
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उन्होंने कहा, “असम मंत्रिमंडल ने आज बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। इस विधेयक का नाम असम प्रोहिबिशन ऑफ पॉलिगैमी बिल, 2025 होगा। इसे 25 नवंबर को विधानसभा में पेश किया जाएगा।” सरमा ने बताया कि अगर किसी आरोपी को बहुविवाह के मामले में दोषी ठहराया जाता है, तो उसे सात वर्ष तक की जेल की सजा दी जा सकती है। उन्होंने कहा, “हमने यह भी निर्णय लिया है कि पीड़ित महिलाओं को मुआवजा देने के लिए एक विशेष कोष बनाया जाएगा। सरकार आवश्यक मामलों में आर्थिक सहायता प्रदान करेगी ताकि कोई भी महिला अपने जीवन में कठिनाई का सामना न करे।”
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मूल निवासियों के लिए बंदूकों के लाइसेंस की पहली खेप फरवरी 2026 से जारी होगी: सरमा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही सरमा ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मूल निवासियों को हथियार लाइसेंस की पहली खेप फरवरी 2026 में जारी करेगी। असम सरकार का यह निर्णय इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पहली खेप जारी होने के कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।
सरमा ने बताया कि सरकार को मूल निवासियों से बड़ी संख्या में हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन मिले हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमें हथियार लाइसेंस के लिए बहुत सारे आवेदन मिले हैं। इन आवेदनों की जांच की जा रही है।” उन्होंने साफ किया कि सरकार बेहद चुनावी ढंग से ही लाइसेंस जारी करेगी और सभी आवेदकों को इजाजत नहीं दी जाएगी। बता दें कि असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही सरमा ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मूल निवासियों को हथियार लाइसेंस की पहली खेप फरवरी 2026 में जारी करेगी। असम सरकार का यह निर्णय इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पहली खेप जारी होने के कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।
सरमा ने बताया कि सरकार को मूल निवासियों से बड़ी संख्या में हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन मिले हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमें हथियार लाइसेंस के लिए बहुत सारे आवेदन मिले हैं। इन आवेदनों की जांच की जा रही है।” उन्होंने साफ किया कि सरकार बेहद चुनावी ढंग से ही लाइसेंस जारी करेगी और सभी आवेदकों को इजाजत नहीं दी जाएगी। बता दें कि असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।