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असम: भाजपा ने पुराने सहयोगी को किया दरकिनार, नए दल के साथ मिलकर बीटीसी पर करेगी शासन
Mon, 14 Dec 2020 02:40 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, गुवाहाटी।
एजेंसी, गुवाहाटी।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 14 Dec 2020 02:40 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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असम के स्वायत्त इलाके बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा ने अपने पुराने सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) का साथ छोड़ दिया है और पार्टी ने नई पार्टी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ शासन करने का फैसला लिया है।
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इस नए गठबंधन में एक सीट हासिल करने वाली गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) भी शामिल होगी। 40 सदस्यीय बीटीसी चुनाव में बीपीएफ को 17, भाजपा को नौ, यूपीपीएल को 12 और कांग्रेस को एक सीट हासिल हुई है। हालांकि बीटीसी का चुनाव सभी दलों ने अलग-अलग लड़ा था।
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बीपीएफ प्रदेश की सर्बानंद सोनोवाल की गठबंधन सरकार का हिस्सा है और इसके तीन मंत्री हैं। बीटीसी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीपीएफ के अध्यक्ष हगरामा मोहिलारी ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार गठबंधन धर्म का पालन करने और बीटीसी में ‘सरकार’ बनाने में मदद की अपील करती रही है लेकिन भाजपा ने उनकी मांग को अनदेखा किया।
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पिछले 17 सालों से सीईएम मोहिलारी ने कहा कि प्रदेश सरकार का हिस्सा होने के नाते, मैंने भाजपा से बीटीसी में शासन के लिए मदद मांगी थी। भाजपा के साथ हमने गठबंधन नहीं तोड़ा है।
वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के यूपीपीएल को जीत की बधाई देने और पार्टी का सहयोगी बताने के बाद मुख्यमंत्री सोनोवाल ने एलान किया कि यूपीपीएल प्रमुख प्रमोदी बोरो बीटीसी में नए चीफ एक्जीक्यूटिव मेंबर (सीईएम) होंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि इस गठबंधन में जीएसपी भी शामिल होगी। बोडो बहुल इलाकों में बीपीएफ और यूपीपीएल को प्रतिद्वंद्वी माना जाता है और इन दोनों ही दलों ने चुनाव से पहले किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया था।
भाजपा ने बीपीएफ और असम गण परिषद (एजीपी) के साथ मिलकर 2016 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। बीपीएफ ने 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और सभी ने जीत हासिल की थी। सोनोवाल सरकार में बीपीएफ कोटे से तीन मंत्री हैं। बीपीएफ के एकमात्र राज्यसभा सांसद बिस्वजीत दाईमारी पिछले ही महीने भाजपा में शामिल हो गए।
राज्यपाल से मिलकर पेश किया दावा
भाजपा, यूपीपीएल और जीएसपी के नवनिर्वाचित 21 सदस्यों ने रविवार देर शाम राज्यपाल जगदीश मुखी से मिलकर परिषद में शासन करने का दावा पेश किया। प्रतिनिधिमंडल में यूपीपीएल प्रमुख के साथ ही एनईडीए के समन्वयक हिमंत बिस्व सरमा भी थे। हालांकि मुखी अभी असम से बाहर हैं। सरमा ने उम्मीद जताई कि 15 दिसंबर तक नई परिषद अपना कार्यभार संभाल लेगी।
अगले विधानसभा चुनाव तक बना रहेगा बीपीएफ से गठबंधन
सरमा ने कहा कि बीटीआर के लोगों ने बदलाव के मतदान किया था और हम उनकी इच्छा के खिलाफ नहीं जा सकते। प्रदेश सरकार में बीपीएफ से गठबंधन पर उन्होंने कहा कि यह गठबंधन 2016 से पांच साल के लिए किया गया था और यह अगले विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगा।
पीएम मोदी, शाह समेत शीर्ष भाजपा नेताओं ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई शीर्ष नेताओं ने बीटीसी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए पार्टी की असम इकाई और यूपीपीएल को बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि एनडीए पूर्वोत्तर के लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
असम में संस्कृत स्कूल व सरकारी मदरसे बंद होंगे
असम सरकार ने राज्य में सभी सरकारी मदरसों और संस्कृत स्कूलों को बंद करने के प्रस्ताव को रविवार को मंजूरी दे दी। सरकार के प्रवक्ता चंद्र मोहन पटवारी ने बताया कि रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। मदरसा और संस्कृत स्कूलों से जुड़े मौजूदा कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। सर्बानंद सोनोवाल सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक विधेयक पेश करेगी। इससे पहले असम सरकार में शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि राज्य सरकार द्वारा मदरसों और संस्कृत स्कूलों को जल्द ही नियमित स्कूलों के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा। उनका कहना था कि धार्मिक शिक्षा के लिए सरकारी फंड ख़र्च नहीं किया जा सकता।