असम : भाजपा ने 15 नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता, प्राथमिक सदस्यता भी की रद्द
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असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। जानकारी के अनुसार इन सभी नेताओं की प्राथमिक सदस्यता छह वर्षों के लिए रद्द कर दी गई है।
असम भाजपा ने विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पॉल समेत 15 नेताओं को बृहस्पतिवार को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। निष्कासित किए गए नेता पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज थे और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा था।
भाजपा प्रदेश महासचिव राजदीप रॉय ने कहा कि पार्टी के असम प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी। निष्कासित 15 सदस्यों में से एक पॉल हैं जिन्होंने टिकट न मिलने पर भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और वह सिलचर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
Assam Bharatiya Janata Party (BJP) expels 15 party members from primary membership for 6 years over "anti-party activities".
— ANI (@ANI) March 18, 2021
असम के लिए मोदी की घोषणाएं बड़ा शून्य साबित हुईं: कांग्रेस
इधर, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया। पार्टी ने कई सवाल दागे और आरोप लगाया कि असम के लिए उनके द्वारा की गयी बड़ी घोषणाएं महज 'बड़ा शून्य' साबित हुईं।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे देश में असम अपनी संस्कृति, सहिष्णुता, संयम, सदिच्छा एवं सद्भाव के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, लेकिन पिछले पांच सालों में असम में सत्ता की अपनी तृष्णा को बुझाने के लिए भाजपा ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के माध्यम से केवल विभाजन के बीज बोये बल्कि असम की भाषा एवं जमीन पर भी हमला किया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि असम सबकुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन झूठ, एवं धोखा को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल तक विकास के नाम पर असम के लोगों को बस झूठे आश्वासन दे रहे हैं। बड़ी घोषणाएं तो की गयीं लेकिन नतीजा शून्य रहा।
सुरजेवाला ने उठाए ये सवाल
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में असम की बराक घाटी के करीमगंज में चुनावी रैली को संबोधित किया था।सुरजेवाला ने कहा कि पहला प्रश्न दुनिया के सबसे बड़े द्वीप माजुली पर मोदी द्वारा किए गए झूठे वादे के बारे में हैं। द्वीप पर 26 मार्च, 2016 को उन्होंने भाषण दिया था और ब्रह्मपुत्र पर एक पुल बनाने का वादा किया था। आज हम पूछना चाहते हैं कि उस दिशा में क्या हुआ?
उन्होंने कहा कि अब असम विधानसभा चुनाव के मौके पर वे झूठ क्यों बोल रहे हैं और मजूली से लेकर जोरहाट तक 925.47 करोड़ रुपये की लागत से पुल के लिए भूमि पूजन कर रहे हैं? वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि 2017 में भाजपा ने घोषणा की थी कि ब्रह्मपुत्र के दोनों तटों पर 40,000 करोड़ रूपये की लागत से 1300 किलोमीटर एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, लेकिन आठ फरवरी, 2021 को राज्यसभा में बताया गया कि असम में कोई एक्सप्रेस बनाने का प्रस्ताव नहीं था। आपने असम के लोगों को क्यों धोखा दिया।
सीएए को लेकर भी भाजपा पर साधा निशाना
उन्होंने विवादास्पद सीएए को लेकर भाजपा को निशाना पर लेते हुए कहा कि आप असम की मूल संस्कृति एवं सभ्यता को नुकसान पहुंचाना क्यों चाहते हैं? मोदी ने पश्चिम बंगाल में सीएए लागू करने का वादा किया। दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार तमिलनाडु में सीएस लागू नहीं करेगी लेकिन वह असम में चुप हैं। यह दोहरा मानदंड क्यों है?
ग्यारह हजार करोड़ रुपये की 20 परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा और मोदी ने ऐसे विकास कार्यों की घोषणा करके वोट बटोरे लेकिन उन्हें अब कूड़ेदान में फेंक दिया गया।