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असम: हिंसा प्रभावित कोकराझार में सेना का फ्लैग मार्च; डर के मारे ग्रामीणों ने घर छोड़ा, शिविरों में ली शरण
Wed, 21 Jan 2026 10:27 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, कोकराझार
अमर उजाला ब्यूरो, कोकराझार
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 21 Jan 2026 10:27 PM IST
सार
असम के कोकराझार जिले के संवेदनशील इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया। वहां हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद आगजनी की घटनाएं तथा बोडो एवं आदिवासी समुदायों के बीच झड़पें हुई थीं।
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कोकराझार जिले में हिंसा
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
असम के कोकराझार जिले में हुई हिंसक झड़पों में दो लोगों की मौत के बाद कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना ने बुधवार को फ्लैग मार्च किया। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि हालात फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में हैं और सुरक्षा इंतजाम और कड़े किए गए हैं।
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अधिकारियों के अनुसार, सेना का यह फ्लैग मार्च जिले के संवेदनशील इलाकों करिगांव, अवदांग बाजार और माशिंग रोड में किया गया। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना और प्रशासन की तत्परता का संदेश देना था। यह कदम जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए एहतियाती रणनीति के तहत उठाया गया है।
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इस बीच, हमलों के डर से करीगांव के कई ग्रामीणों ने घर छोड़ दिया और राहत शिविरों में शरण ली। जिला प्रशासन ने तीन अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं। ये शिविर अवदांग बाजार, करिगांव बाजार और करिगांव प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, बोडो समुदाय के लोगों को अवदांग बाजार स्थित शिविर में जबकि संथाल समुदाय के परिवारों को करिगांव के शिविरों में ठहराया गया है। प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 1,200 लोग इन अस्थायी राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं, जहां भोजन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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सेना के साथ अर्धसैनिक बल भी तैनात
करिगांव क्षेत्र में शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए भारतीय सेना, असम पुलिस, सीआरपीएफ और आरएएफ के जवानों की भारी तैनाती की गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जमीनी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कोकराझार के पुलिस अधिकारी के मुताबिक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने आम लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और सुरक्षा बलों व प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है, ताकि जिले में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
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इसलिए भड़की हिंसा
एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात करीगांव चौकी के क्षेत्र के मानसिंह रोड पर बोडो जनजाति के तीन लोगों को ले जा रही एक गाड़ी से दो आदिवासियों को टक्कर लग गई। इसके बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों के साथ मारपीट की और उनके वाहन को आग लगा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों ने करीगांव चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।