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कोटा में फंसे असम के 391 छात्र पहुंचे घर, एहतियातन पृथक वास में रखा गया

Mon, 27 Apr 2020 11:54 AM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, गुवाहाटी
पीटीआई, गुवाहाटी Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 27 Apr 2020 11:54 AM IST
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Assam 391 students get back home from Rajasthan Kota amid lockdown,  Assam health minister Himanta Biswa Sarma
कोटा से लौटे असम के छात्र - फोटो : Twitter

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर तीन मई तक करने की घोषणा की है। इस कारण राजस्थान के कोटा में विभिन्न राज्यों के छात्र फंस गए। वहीं, अब कई राज्य वहां फंसे अपने छात्रों को वापस ला रहे हैं। इसी कड़ी में असम सरकार भी कोटा में फंसे छात्रों को राज्य वापस लेकर आई है। 

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असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राजस्थान के कोचिंग केंद्र कोटा से असम के 390 से ज्यादा विद्यार्थी बसों से अपने राज्य लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि एहतियातन इन छात्रों को 14 दिन के लिए पृथक वास में रखा गया है। सरमा और उनके कनिष्ठ मंत्री पीयूष हजारिका सरूसाजई पृथक केंद्र में विद्यार्थियों का हाल-चाल जानने के लिए पहुंचे थे। ये विद्यार्थी अल सुबह तीन बजे सोमवार को बसों से यहां पहुंचे।
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स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया कि कोटा से लंबी दूरी की यात्रा करने के बाद 391 विद्यार्थी अपने चेहरों पर मुस्कान समेटे राज्य लौट आए। उनके और उनकी परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उन्हें 14 दिन के पृथक वास में रखा गया है। छात्रों को सरूसाजई पृथक केंद्र और छात्राओं को तीन होटलों में रखा गया है।
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कोटा से गुरुवार को विद्यार्थियों ने 2,000 किलोमीटर की लंबी यात्रा शुरू की थी। मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए कोटा देश के मुख्य कोचिंग केंद्रों में से एक है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं।

सरमा ने बताया कि इन विद्यार्थियों को पृथक वास में रखना अनिवार्य किया गया क्योंकि ये राजस्थान से लौट रहे थे जो कि कोविड-19 का ‘रेड जोन’ है। इसके अलावा रास्ते में भी इनके संक्रमित होने की आशंका है। राज्य सरकार ने इस यात्रा के लिए प्रति विद्यार्थी 7,000 रुपये की राशि ली है। कुल 17 बसों से इन्हें राज्य में लाया गया है।

सरमा ने इससे पहले कहा था कि विद्यार्थियों की जांच इनके पहुंचने के पांचवें दिन की जाएगी। इसके बाद डॉक्टर निगेटिव जांच रिपोर्ट आने वाले विद्यार्थियों को छुट्टी देने और उन्हें नौ दिन की निगरानी में रखने संबंधी फैसला लेंगे।


राज्य सरकार ने छात्रों को वापस लाने के लिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारों से लॉकडाउन के दौरान बसों की आवाजाही की इजाजत मांगी थी।

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