फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ashwini vaishnaw says India will develop low-cost AI models like Chandrayaan-3

AI: अश्विनी वैष्णव बोले, चंद्रयान-3 की तरह भारत तैयार करेगा कम लागत वाले एआई मॉडल

Wed, 05 Feb 2025 10:23 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 05 Feb 2025 10:23 PM IST
सार

Ashwini vaishnaw: केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, हमारे युवा उद्यमी, स्टार्टअप, शोधकर्ता वास्तव में नवाचार का वह अगला स्तर हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिससे लागत कम होगी।

विज्ञापन
Ashwini vaishnaw says India will develop low-cost AI models like Chandrayaan-3
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कम लागत पर कृत्रिम मेधा (एआई) का विकास करने की भारत की नवाचार क्षमता दर्शाने के लिए  बेहद कम लागत पर संचालित चंद्रयान-3 का जिक्र किया। दिग्गज एआई कंपनी ओपनएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सैम आल्टमैन के साथ एक पैनल में मंत्री वैष्णव एआई पर चर्चा कर रहे थे।
विज्ञापन


केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, हमारे युवा उद्यमी, स्टार्टअप, शोधकर्ता वास्तव में नवाचार का वह अगला स्तर हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिससे लागत कम होगी। हमारे देश ने कई अन्य देशों की तुलना में बहुत कम लागत पर चंद्रमा पर यान भेजा। भारत के चंद्रयान-3 अभियान पर 600 करोड़ रुपये की लागत आई थी जबकि अन्य देशों ने चंद्रमा पर अपने यान भेजने पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं।
विज्ञापन


बता दें कि, ओपनएआई के संस्थापक आल्टमैन ने दो साल पहले कम लागत वाले आधारभूत मॉडल के विकास की भारत की क्षमता पर सवाल उठाए थे। लेकिन अब आल्टमैन का भारत के प्रति नजरिया बदल गया है और वह भारत को एआई क्रांति में एक संभावित अगुवा के रूप में देख रहे हैं। वैष्णव ने कहा कि भारत अब एआई विकास की पूरी पारिस्थितिकी तैयार करने पर काम कर रहा है, जिसमें खुद चिपसेट बनाना, कम लागत पर कंप्यूटिंग सुविधा प्रदान करना और साथ ही डेटा सेट पर काम करना शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार भारतीय उद्यमों और स्टार्टअप को 1.6 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटे की लागत पर जीपीयू वाले हाई-एंड कंप्यूटर तक पहुंच दे सकती है जो फिलहाल भारतीय फर्मों के लिए छह डॉलर प्रति घंटे से अधिक है। आल्टमैन ने कहा कि एक बुद्धिमत्ता इकाई की लागत इस साल के अंत तक 10 गुना कम हो जाएगी। ऑल्टमैन के इस बयान पर वैष्णव ने कहा कि लागत कम करने के लिए नवाचार दुनिया में कहीं से भी आ सकता है और भारत की इसमें अहम भूमिका होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed