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राजस्थान का सियासी संकट: गहलोत के जाल में फंस गए पायलट, कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग ने बढ़ाई मुसीबत
Mon, 13 Jul 2020 01:33 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Mon, 13 Jul 2020 01:33 AM IST
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अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
राजस्थान में कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिशें फिर तेज हो गई हैं। डिप्टी सीएम सचिन पायलट की नाराजगी तभी से है, जब विधानसभा में की गई उनकी मेहनत का फल कांग्रेस नेतृत्व ने अशोक गहलोत को दे दिया था। राज्यसभा चुनाव के दौरान सरकार गिराने की कोशिशों से सतर्क हुए गहलोत ने जो जाल बिछाया, उसमें डिप्टी सीएम अपने विधायकों के साथ उलझ गए हैं।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के दौरान ही कांग्रेस में बगावती स्वर उठने लगे थे। तब अशोक गहलोत ने विधायकों को रिसॉर्ट में भेजकर कांग्रेस को नुकसान से बचाते हुए दोनों सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद गहलोत ने विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिशों की जांच करने का जिम्मा एसओजी को सौंपा। सूत्रों का कहना है कि गहलोत ने चुनाव में जीत के बाद भी तह में जाने और बगावती विधायकों की खोज का काम जारी रखाया। इसके तहत करीब दस विधायकों के काल डिटेल और रिकार्डिंग भी जुटाई गई है।
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दरअसल, राज्यसभा चुनाव के दौरान ही कांग्रेस में बगावती स्वर उठने लगे थे। तब अशोक गहलोत ने विधायकों को रिसॉर्ट में भेजकर कांग्रेस को नुकसान से बचाते हुए दोनों सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद गहलोत ने विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिशों की जांच करने का जिम्मा एसओजी को सौंपा। सूत्रों का कहना है कि गहलोत ने चुनाव में जीत के बाद भी तह में जाने और बगावती विधायकों की खोज का काम जारी रखाया। इसके तहत करीब दस विधायकों के काल डिटेल और रिकार्डिंग भी जुटाई गई है।
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बताते हैं कि गहलोत ने इस पूरी प्रक्रिया में पायलट की भूमिका की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को भी बताई थी। यही कारण है कि सचिन बीते एक सप्ताह से दिल्ली में बड़े नेताओं से मिलकर विधायकों के साथ हो रहे बर्ताव की बात कहते घूम रहे हैं लेकिन कांग्रेस नेतृत्व से समय नहीं मिला।
राजस्थान में गिरफ्तार भाजपा नेता भरत मलानी और अशोक सिंह के गिरफ्तार होते ही कांग्रेस में बगावत खुलकर सामने आ गई। सचिन पायलट को इस बात की भनक थी। सूत्रों के मुताबिक एसओजी को भाजपा के एक वरिष्ठ नेता जो पायलट की बिरादरी के हैं उनसे जुड़े कुछ सबूत भी जुटाएं हैं। वहीं खरीद फरोख्त के तार विदेश से भी जुड़ते दिख रहे हैं।
राजस्थान में गिरफ्तार भाजपा नेता भरत मलानी और अशोक सिंह के गिरफ्तार होते ही कांग्रेस में बगावत खुलकर सामने आ गई। सचिन पायलट को इस बात की भनक थी। सूत्रों के मुताबिक एसओजी को भाजपा के एक वरिष्ठ नेता जो पायलट की बिरादरी के हैं उनसे जुड़े कुछ सबूत भी जुटाएं हैं। वहीं खरीद फरोख्त के तार विदेश से भी जुड़ते दिख रहे हैं।