आसाराम केस : एक के बाद एक मरते चले गए गवाह, 9 पर हुआ जानलेवा हमला
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जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम मामले की सुनवाई चल रही थी, वहीं बाहर एक के बाद एक गवाह मारे जा रहे थे और कई हमलों में गम्भीर घायल हो गए। कुछ गवाह तो ऐसे गायब हुए कि अब तक उनका पता नहीं चल सका। आसाराम बापू रेप केस के मुख्य गवाह 35 वर्षीय कृपाल सिंह को 10 जुलाई 2015 को शाहजहांपुर में अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी। बरेली में निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 11 जुलाई 2015 को उसकी मौत हो गई।
हालांकि कुछ दिन बाद पुलिस ने पुष्पेंद्र को जोधपुर से गिरफ्तार किया और शाहजहांपुर लेकर आई और यहां पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान उसने कृपाल सिंह की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। पांडेय ने बयान दिया कि वह आसाराम का समर्थक है। उसने कई बार कृपाल सिंह को पैसे का लालच देकर व डराकर आसाराम के खिलाफ गवाही देने से रोकना चाहा था।
आसाराम मामले में मुख्य गवाह कृपाल सिंह की मौत तीसरा मामला था। इससे पहले दो गवाहों की भी मौत हो चुकी थी। मामले की सुनवाई के दौरान 9 गवाहों पर जानलेवा हमले भी हुए थे। आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले उनके पूर्व वैद्य अमृत प्रजापति पर कातिलाना हमला किया गया, जिसमें इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गवाह महेन्द्र सिंह चावला पर भी जानलेवा हमला हुआ और वह गंभीर रूप से घायल हुए। गवाह राहुल के. सच्चान पर जोधपुर कोर्ट परिसर में गवाही देने के दौरान चाकुओं से हमला किया गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज जोधपुर के अस्पताल में करवाया गया। लेकिन उसके बाद वह कहां गया, पुलिस को अब तक पता नहीं चल पाया है।
ये गवाह हुए हमलों के शिकार :
- कृपाल सिंह (मौत)
- अमृत प्रजापति (मौत)
- अखिल गुप्ता (मौत)
- महेंद्रसिंह चावला (गम्भीर घायल)
- राहुल के. सच्चान (गम्भीर घायल)
- राहुल पटेल
- राहुल चंडोक
- दिनेश भागचंदानी
- विमलेश ठक्कर