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भाजपा-शिवसेना पर ओवैसी ने ली चुटकी, कहा- ये 50-50 क्या है, नया बिस्किट है?

Mon, 04 Nov 2019 05:36 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 04 Nov 2019 05:36 AM IST
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Asaduddin Owaisi takes jibe on BJP-Shiv Sena, says on what is this 50-50, new biscuit
असुदद्दीन ओवैसी - फोटो : ANI

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर रस्साकशी जारी है। मुख्यमंत्री पद की मांग कर शिवसेना 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है, वहीं भाजपा अभी इंतजार की रणनीति अपना रही है। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर तंज कसा है। उन्होंने पूछा है कि ये 50-50 क्या है? क्या ये एक नया बिस्किट है? साथ ही ओवैसी ने कहा कि इन लोगों को जनता की समस्याओं से कोई लेना देना है।

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ओवैसी ने कहा कि 'ये 50-50 क्या है? कुछ महाराष्ट्र की जनता के लिए बचाकर रखिए। उन्हें (भाजपा और शिवसेना) सतारा में हुई बारिश से हुए नुकसान पर कोई चिंता नहीं है। वे लोग केवल 50-50 पर बात कर रहे हैं। यह किस तरह का 'सबका साथ सबका विकास' है?'  अपना मुख्यमंत्री बनवाने पर अड़ी शिवसेना को लेकर उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को पहले केंद्र सरकार में अपने मंत्रियों को इस्तीफा दिलवाना चाहिए यदि वह अपना सीएम चाहते हैं। ऐसा नहीं करने पर वह एक साथ दो घोड़ों की सवारी नहीं कर सकते हैं। ऐसा लगता है कि उद्धव ठाकरे को मोदी का भय है।
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को व्हाट्सएप जासूसी विवाद में भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि सरकार को इस्राइल से पूछना चाहिए कि आखिर उसकी कंपनी ने भारतीयों की व्हाट्सएप बातचीत क्यों सुनी। एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस्राइली राजदूत को तलब किया जाना चाहिए और इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस्राइली कंपनी से सवाल नहीं करेगी। पता नहीं उसे किस बात का डर है।



गौरतलब है कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन के पक्ष में नतीजे आने के बावजूद दोनों दलों में अब तक सरकार गठन को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है।  शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि सबसे बड़ा दल होने के नाते भाजपा को सरकार गठन का अधिकार है। भाजपा को बहुमत साबित करने को 15 दिन का समय दीजिए, अगर वह ऐसा नहीं कर पाती है तो शिवसेना बहुमत साबित करेगी। राउत ने कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनाने का फार्मूला चुनाव से पहले तय हो गया था। भाजपा अब उससे पीछे हट रही है।

इसके साथ ही राउत ने कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद हुसैन दलवई के सोनिया गांधी को लिखे पत्र का भी स्वागत किया। दलवई ने पत्र लिखकर शिवसेना का समर्थन करने का अनुरोध किया था। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिवसेना आखिरी पल तक गठबंधन धर्म को निभाएगी। राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर विचार करें तो शिवसेना और भाजपा को छोड़कर सभी दल एक दूसरे से बातचीत कर रहे हैं। हमने सरकार बनाने को लेकर कभी बातचीत बंद नहीं की, लेकिन बात कभी शुरू भी नहीं हुई।

 

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