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AIMIM: ज्ञानवापी ASI सर्वे को लेकर ओवैसी को सताया डर, बोले- हम नहीं चाहते कि बाबरी मस्जिद जैसे मामले और खुलें
Sat, 05 Aug 2023 04:37 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Aug 2023 04:37 PM IST
सार
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वेक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि पूजा स्थल अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सम्मान किया जाएगा।
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : ANI
विस्तार
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वेक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि पूजा स्थल अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी एएसआई रिपोर्ट सार्वजनिक हो जाएगी, तो कौन जानता है कि चीजें कैसे आगे बढ़ेंगी। आशा है कि न तो 23 दिसंबर और न ही 6 दिसंबर की पुनरावृत्ति होगी।
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असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा-आरएसएस पर साधा निशाना
उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि एएसआई की रिपोर्ट आएगी तो भाजपा एक नरेटिव सेट करेगी। हमें डर है कि कहीं 23 दिसंबर या 6 दिसंबर जैसी घटनाएं न हो जाए। हम नहीं चाहते कि बाबरी मस्जिद जैसे मामले और खुल जाएं।
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#WATCH ASI की रिपोर्ट आएगी तो भाजपा एक नरेटिव सेट करेगी... हमें डर है कि कहीं 23 दिसंबर या 6 दिसंबर जैसी घटनाएं न हो जाए। हम नहीं चाहते कि बाबरी मस्जिद जैसे मामले और खुल जाएं: वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के ASI सर्वेक्षण पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी pic.twitter.com/JgR9kBuwGu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 5, 2023
मुस्लिम पक्ष सर्वे का विरोध कर रहा है
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें एएसआई को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने की अनुमति दी गई थी ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि 17 वीं शताब्दी की संरचना पहले से मौजूद मंदिर पर बनाई गई थी या नहीं। वहीं मुस्लिम पक्ष इस सर्वे का विरोध कर रहा है और रोकने की मांग कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बात
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने एएसआई से सर्वेक्षण के दौरान किसी भी आक्रामक कृत्य का सहारा नहीं लेने को कहा। पीठ ने एएसआई और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर ध्यान दिया कि सर्वेक्षण के दौरान कोई खुदाई नहीं की जाएगी और न ही संरचना को कोई नुकसान पहुंचाया जाएगा।