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Shivling In Gyanvapi: ज्ञानवापी मामले को 'औरंगजेब' से जोड़ने पर भड़के ओवैसी, कहा- शिवलिंग नहीं, फव्वारा मिला

Tue, 17 May 2022 08:10 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 17 May 2022 08:10 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में अदालत के आदेश पर हुए सर्वे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सर्वे के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की है। हालांकि इस मामले में अब सियासत भी तेज होती जा रही है।  एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी इस मुद्दे पर मुखर हो गए हैं।

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Asaduddin Owaisi on Gyanvapi Survey, says, Aurangzeb is responsible for inflation and unemployment in india
एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

विस्तार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे को लेकर सियासत गरमा गई है। नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। इसी क्रम में एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आज सिलसिलेवार दो ट्वीट किए और पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोला। इस मामले को पूर्व मुगल शासक औरंगजेब से जोड़े जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की है। ओवैसी ने ट्वीट कर कटाक्ष करते हुए लिखा कि अगर इतिहास की बात करनी है तो बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के असली मुद्दे को भटकाने के लिए हर बात में औरंगजेब को घसीटा जा रहा है। अभी बढ़ी बेरोजगारी और महंगाई के जिम्मेदार भी प्रधानमंत्री मोदी नहीं बल्कि उस समय के मुगल शासक औरंगजेब ही हैं। दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत परिवार के मुखिया डॉ. कुलपति तिवारी के ने ज्ञानवापी मंदिर को तोड़ने के लिए पूर्व मुगल शासक औरंगजेब को जिम्मेदार ठहराया है। तिवारी के मुताबिक, 1669 में औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर का एक हिस्सा तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद बनवाई थी। इसके पहले 14वीं सदी में जौनपुर के शर्की सुल्तान ने मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद का निर्माण कराया था।

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शिव लिंग नहीं, फव्वारा था: ओवैसी
वहीं ज्ञानवापी मामले पर ही ओवैसी ने अपने अन्य ट्वीट में लिखा कि मस्जिद कमिटी के अनुसार वो शिव लिंग नहीं, बल्कि फव्वारा था। अगर शिव लिंग मिला था तो कोर्ट के कमिश्नर को ये बात बतानी चाहिए थी। इसके अलावा ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह ज्ञानवापी मस्जिद थी, और कयामत तक रहेगी इंशाअल्लाह। औवैसी ने कहा कि यह 1991 के पार्लियामेंट एक्ट का उल्लंघन है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने वाला है। इससे पहले सोमवार को जिला अदालत ने सील करने का आदेश दे दिया। यह देश के मुसलमानों के साथ धोखा है। ओवैसी ने कहा कि जब यह देश संविधान से चल रहा है तो सत्ता पक्ष के साथ साथ कई संगठन मनमर्जी क्यों कर रहे हैं। 1991 में जब साफ हो गया था कि अब जो भी धार्मिक संरचनाएं हैं और वो यथास्थिति में रहेंगी तो आखिर उस एक्ट की धज्जियां क्यों उड़ायी जा रही हैं। 
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ज्ञानवापी सर्वे को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है सुनवाई
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में अदालत के आदेश पर हुए सर्वे का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सर्वे के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट आज इस पर सुनवाई कर सकता है। वहीं एलआईसी के शेयर आज सूचीबद्ध होंगे। इसे लेकर निवेशकों के बीच अच्छा माहौल नहीं है। साथ ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं के छात्रों को एक विशेष मौका दिया जा रहा है। 

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