Owaisi: 'वक्फ की एक जमीन मोदी सरकार हमसे नहीं छीन सकेगी..', कर्नाटक की रैली में बोले असदुद्दीन ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि 'हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में सिर्फ हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुसलमानों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?'
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क्या बोले ओवैसी
हैदराबाद सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 'जो लोग ये समझ रहे कि मुसलमानों को ये कानून बनाकर डराया जाएगा। याद रखो कि पीएम मोदी या मोदी सरकार वक्फ की एक जमीन हमसे नहीं छीन सकेगी। ये कानून काला है। ये संविधान के अनुच्छेद 14,15,25,26 और 29 के खिलाफ है। जो चैप्टर तीन का अधिकार है, उसके खिलाफ है।' ओवैसी ने कहा कि 'हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में सिर्फ हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुसलमानों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?'
#WATCH | Raichur, Karnataka | On Waqf Amemndment Act, AIMIM Chief Asaduddin Owaisi says, "...To those who believe that they can intimidate the Muslim community by making such laws, remember that PM Modi or the BJP government cannot take away the land under Waqf from us..."… pic.twitter.com/yarypsquqB
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 25, 2025
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वक्फ कानून का लगातार विरोध कर रहे ओवैसी
एआईएमआईएम प्रमुख ने वक्फ कानून में पांच साल के मुसलमान के प्रावधान पर भी सवाल उठाए और कहा कि 'ये पांच साल के मुसलमान का क्या कानून है? ये पांच साल का नियम कहां से लगाया गया।' असदुद्दीन ओवैसी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। ओवैसी का आरोप है कि वक्फ कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा। यह कानून असंवैधानिक है। वहीं सरकार का कहना है कि वक्फ कानून में जो संशोधन किए गए हैं, उनकी मंशा संपत्ति के प्रबंधन को धर्मनिरपेक्ष बनाए रखना है। यह कानून संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 में मिली धार्मिक आजादी का उल्लंघन नहीं करता है। वक्फ कानून 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा से पारित हुआ था। इसके बाद 5 अप्रैल को राष्ट्रपति ने इसे अपनी मंजूरी दी। जिसके बाद यह कानून बना।
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