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Politics: नए संसद भवन का उद्घाटन दिल्ली के सुल्तान के राज्याभिषेक जैसा; ओवैसी ने PM मोदी पर लगाए गंभीर आरोप
Mon, 29 May 2023 07:57 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 29 May 2023 07:57 PM IST
सार
तेलंगाना के आदिलाबाद शहर में रविवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने यह सवाल भी किया कि नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री अन्य धर्मों के धार्मिक नेताओं को उसके अंदर क्यों नहीं ले गए।
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असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत के नए संसद के उद्घाटन के बाद भी इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है। राजद के बाद अब एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नए संसद भवन के उद्घघाटन में केवल हिंदू पुजारियों को शामिल किया गया। यह बहुत कुछ दिल्ली के किसी सुल्तान के राज्याभिषेक जैसा लग रहा था।
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पीएम मोदी पर लगाए गंभीर आरोप
तेलंगाना के आदिलाबाद शहर में रविवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने यह सवाल भी किया कि नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री अन्य धर्मों के धार्मिक नेताओं को उसके अंदर क्यों नहीं ले गए। जनसभा में उन्होंने कहा, 'नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ। मैंने टीवी पर देखा, प्रधानमंत्री संसद के अंदर जा रहे थे और 18-20 हिंदू पुजारी उनके पीछे मंत्र जाप करते हुए जा रहे थे।' आगे उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री जी आपने इसमें केवल हिंदू पुजारियों को ही क्यों शामिल किया। प्रधानमंत्री ने ईसाई पादरी, मुस्लिम मौलाना और अन्य धर्मों के धार्मिक नेताओं को क्यों नहीं बुलाया। ओवैसी ने यह भी आगे कहा कि भारत में एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है। यहां हर धर्म का पालन किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि इसे देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा है, बल्कि दिल्ली के सुल्तान के राज्याभिषेक जैसा लग रहा था। क्या यह भारत की धर्मनिरपेक्षता है? प्रधानमंत्री को ऐसा नहीं करना चाहिए था। पीएम मोदी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप हिंदुओं, मुसलमानों, ईसाइयों, सिख, आदिवासी और 130 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं, आप किसी एक धर्म के प्रधानमंत्री नहीं हैं।
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तेलंगाना चुनावों के बारे में भी दी प्रतिक्रिया
जनसभा में अपने संबोधन में एआईएमआईएम प्रमुख ने आगामी तेलंगाना चुनावों के बारे में भी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम ने 2014 और 2018 के राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराने में भूमिका निभाई थी। हम नहीं चाहते हैं कि राज्य में भगवा पार्टी का उदय हो। उन्होंने कहा कि वह लोगों और पार्टी के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे कि तेलंगाना में आगामी चुनावों में पार्टी कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस और विपक्षी दलों पर साधा निशाना
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के एआईएमआईएम के भाजपा की बी टीम होने के आरोप पर भी पलटवार किया। ओवैसी ने कहा कि वे ओवैसी पर उनके वोट काटने का आरोप लगाते हैं। क्या एआईएमआईएम ने आदिलाबाद, निजामाबाद, करीमनगर और सिकंदराबाद लोकसभा सीटों (2019 के चुनाव) से चुनाव लड़ा था, लेकिन वहां बीजेपी जीत गई। मैंने लड़ाई नहीं लड़ी और बीजेपी वहां जीत गई।
कल भी साधा था निशाना
इससे पहले, रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि लोकसभा स्पीकर जबावदेही होता है। इसलिए बेहतर होता कि लोकसभा स्पीकर को उद्घाटन करते। हालांकि, पीएम मोदी को हमेशा दिखाना होता है कि वहीं सबकुछ कर रहे हैं। साल 2014 से पहले तो कुछ हुआ ही नहीं है, बस अभी हो रहा है। पीएम का यह एक तरीका है, जो अपने आप को व्यक्तिगत तौर पर प्रमोशन दिलाने के लिए करते हैं। औवेसी ने आगे कहा कि वह बस लोगों को यह दिखाना चाहते हैं कि वहीं कर सकते हैं सबकुछ और कोई कुछ नहीं कर पाएगा। यह ठीक नहीं हुआ, जो भी हुआ। उन्होंने कहा कि यह बात अलग है कि नए संसद भवन की सच में जरूरत थी। AIMIM प्रमुख ने कहा कि हमने भी साल 2019 की पार्टी बैठक में यह मुद्दा रखा था। मगर इसमें हर चीज का ये बता देना कि एक ही व्यक्ति है और दूसरा कोई नहीं है। ये तो संविधान का भी उल्लघंन है।