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Arvind Kejriwal: केजरीवाल समेत कई नेताओं का पड़ चुका है ईडी से पाला, सोनिया, राहुल और खरगे भी रहे हैं शामिल

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 02 Nov 2023 03:17 PM IST
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सार
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के कई नेता, जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से ईडी पूछताछ कर चुकी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल भी ईडी जांच का सामना कर चुके हैं। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से ईडी ने पूछताछ की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी जांच का सामना कर रहे हैं...
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Arvind Kejriwal: Many leaders of opposition, including Congress, are on radar of Enforcement directorate
Arvind Kejriwal - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय 'ईडी' ने समन भेजकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्हें गुरुवार को ईडी के समक्ष पेश होना था। केजरीवाल, ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे। उन्होंने जांच एजेंसी को दिए अपने जवाब में कहा, यह समन अवैध और राजनीति से प्रेरित है। इसे भाजपा के इशारे पर भेजा गया है। ये नोटिस इसलिए भेजा गया है ताकि मैं चार राज्यों में चुनाव प्रचार न कर सकूं। केजरीवाल ने कहा, ईडी तुरंत इस नोटिस को वापस ले। विपक्षी नेताओं में केजरीवाल ऐसे पहले व्यक्ति नहीं हैं, जिन्हें ईडी का समन मिला हो। इससे पहले सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर विपक्षी के कई शीर्ष नेता भी ईडी समेत दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियों की पूछताछ का सामना कर चुके हैं।

पूरे विपक्ष को जेल में डाल दें और वे चुनाव लड़ें

नई शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के संदर्भ में मुख्यमंत्री केजरीवाल को समन भेजा गया था। गुरुवार को ईडी ने दिल्ली सरकार में मंत्री राज कुमार आनंद के घर पर छापेमारी की है। पिछले दिनों आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को कई घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी को दिए अपने जवाब में कहा, आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक और स्टार प्रचारक होने के नाते मुझे चुनाव प्रचार के लिए यात्रा करनी पड़ती है। आप के अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का राजनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना पड़ता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे पास शासन और आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं, जिनके लिए मेरी उपस्थिति आवश्यक है। केजरीवाल को भेजे गए समन पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, कभी राहुल गांधी, सोनिया गांधी को भी बुलाया गया था। मैं अंदर जाकर आया था। महाराष्ट्र के कई मंत्री जाकर आए हैं। पश्चिम बंगाल के दो मंत्री भी गए हैं। भाजपा की यही मंशा है कि पूरे विपक्ष को जेल में डाल दें और वे चुनाव लड़ें।



केजरीवाल ने मोदी को बताया था 'फादर फिगर' 

कुछ माह पहले जब आम आदमी पार्टी सहित दूसरे विपक्षी नेताओं के यहां पर ईडी रेड पड़ रही थी, तो केजरीवाल ने कहा था, प्रधानमंत्री किसी भी देश के 'फादर फिगर' की तरह होते हैं। चुनाव के बाद अगर कहीं पर किसी की सरकार बन जाती है, तो उसे केंद्र सरकार की ओर से सपोर्ट देने और मिलकर काम करने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की होती है। आज 'फादर फिगर' की भूमिका का सही निर्वहन नहीं हो रहा। आरजेडी सांसद मनोज झा का कहना था, इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है। अब ऐसे छापों की सीरिज 2024 के लोकसभा चुनाव तक जारी रहेगी। इन छापों के जरिए पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 के चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी है।

केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर रहे ये शीर्ष नेता

विपक्षी दलों के नेताओं का आरोप है कि पिछले दो दशकों में केंद्रीय जांच एजेंसियों के निशाने पर आए गैर-भाजपाई नेताओं का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। जांच एजेंसियों के फेर में केवल राज्यों के कुछ नेता ही नहीं, बल्कि सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, लालू प्रसाद यादव, मायावती, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, ममता बनर्जी, शरद पवार और तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी एवं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता से लेकर अनेक विपक्षी नेता आ चुके हैं। मौजूदा समय में दर्जनों विपक्षी नेता, जांच एजेंसियों के जाल के बहुत करीब हैं। इनमें से कौन फंसेगा और कौन बचेगा, कुछ नहीं कहा जा सकता। जांच एजेंसी ने पूरी तरह से किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है। किसी के पास भी पूछताछ के लिए 'समन' आ सकता है। आप के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, ईडी मामले में सलाखों के पीछे हैं। दूसरे मंत्री सत्येंद्र जैन को लंबे समय बाद जमानत मिली थी। आप सांसद संजय सिंह भी जेल में हैं।

सोनिया और राहुल से भी हुई है पूछताछ

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के कई नेता, जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से ईडी पूछताछ कर चुकी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल भी ईडी जांच का सामना कर चुके हैं। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से ईडी ने पूछताछ की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी जांच का सामना कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे पार्थ चटर्जी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। शिवसेना के संजय राउत, ईडी जांच का सामना कर रहे हैं। वे भी जेल में रह कर आए हैं। टीएमसी सांसद अभिषेक से भी पूछताछ जारी है। शरद पवार के भतीजे अजित पवार पर मनी लॉन्ड्रिंग के केस रहे हैं। खुद पवार के पास भी ईडी का समन पहुंचा था। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक, ईडी मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। ईडी की छापेमारी को लेकर कुछ माह पहले टीएमसी, आप, आरजेडी, नेशनल कांफ्रेंस, केसीआर की पार्टी, सपा और उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) आदि दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी। इसमें सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया।

जांच एजेंसियों की सूची में कई मुख्यमंत्री भी

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव का नाम भी माइनिंग घोटाले में आया था। यह मामला सीबीआई के पास है। पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से अवैध रेत खनन मामले में ईडी पूछताछ कर चुकी है। चारा घोटाले में सजा होने के बाद लालू प्रसाद यादव पर जमीन लेकर रेलवे में नौकरी देने का मामले की जांच चल रही है। कई जगहों पर छापेमारी हो चुकी हैं। इसमें सीबीआई और ईडी, दोनों जांच एजेंसियां शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में पीसीसी कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल, भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव, गिरीश देवांगन, आरपी सिंह, विनोद तिवारी और सन्नी अग्रवाल के निवास एवं कार्यालयों पर ईडी की रेड हो चुकी है। हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के यहां भी जांच एजेंसियों ने दस्तक थी। पूर्व सीएम ओपी चौटाला भी सलाखों के पीछे रहे हैं। आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह, सांसद अशफाक करीम, फैयाज अहमद और पूर्व एमएलसी सुबोध राय भी जांच एजेंसियों की रडार पर हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी ईडी की सुई घूम रही हैं। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के करीबियों पर ईडी की कार्रवाई जारी है। ममता बनर्जी के खिलाफ चिट फंड मामला है तो कर्नाटक में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी ईडी के निशाने पर रहे हैं। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के भाई भी केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर हैं।

'ईडी से बचना है तो भाजपा ज्वाइन कर लो'

कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा था, विपक्ष के जो नेता मुंह बंद कर लेते हैं या भाजपा ज्वाइन कर लेते हैं, वे केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई से बच जाते हैं। उन्होंने इस सूची में असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा, नारायण राणे, रमन सिंह, मुकुल रॉय और सुवेंदु अधिकारी, आदि नेताओं का नाम गिनाया है। बतौर माकन, इन नेताओं के पीछे जांच एजेंसी पड़ी रहती थी। आज उनसे जांच एजेंसी पूछताछ क्यों नहीं कर रही। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट में बताया कि गत सात आठ वर्षों में लगभग 225 चुनावी उम्मीदवारों ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। 45 फीसदी नेताओं ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इनमें हार्दिक पटेल, अश्विनी कुमार, आरपीएन सिंह, जयवीर शेरगिल, ज्योतिरादित्या सिंधिया, सुनील जाखड़, जितिन प्रसाद, सुष्मिता देव, कैप्टन अमरिंदर सिंह व हिमंता बिस्वा सरमा सहित कई नाम शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, मोदी सरकार में ईडी ने जिन राजनेताओं के यहां पर रेड की है या उनसे पूछताछ की है, उनमें 95 फीसदी विपक्ष के नेता हैं। इसमें सबसे ज्यादा रेड तो कांग्रेस पार्टी के नेताओं के घरों और दफ्तरों पर की गई हैं। पार्टी ने आशंका जताई है कि 2024 से पहले विपक्ष के अनेक नेता, केंद्रीय जांच एजेंसियों के जाल में फंस सकते हैं।

ईडी के बर्ताव से मनमानेपन की बू

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एम3एम समूह के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय पर सख्त टिप्पणी की थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा था, ईडी अपने कामकाज में पारदर्शी और निष्पक्ष रहे, प्रतिशोधी ना बने। आपको देश की आर्थिक सुरक्षा बनाए रखनी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस बोपन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था, यह जरूरी है कि आरोपी को लिखित में उसकी गिरफ्तारी का आधार बताया जाए। इसके लिए कोई अपवाद नहीं हो सकता। गुड़गांव की एक रियल इस्टेट कंपनी के निदेशक पंकज बंसल व बसंत बंसल की गिरफ्तारी को खारिज करते सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, घटनाक्रम बताता है कि ईडी का क्रियाकलाप ठीक नहीं था। ईडी के बर्ताव से मनमानेपन की बू आ रही है। आप सांसद राघव चड्ढा का कहना है, भाजपा की रणनीति है कि पार्टी के टॉप नेता को जेल में डाल दो। अगर उसे जेल में डाल दिया गया, तो वो चुनाव कैसे लड़ पाएगा। इस कड़ी में पहली गिरफ्तारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की होगी। भाजपा की मंशा है कि केजरीवाल को जेल में डालो और दिल्ली की सभी लोकसभा सीटें अपनी जेब में डालो। इसके बाद झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का नंबर आएगा। वहां लोकसभा की 14 सीटें हैं। इसी तरह कई दूसरे गैर भाजपाई मुख्यमंत्रियों का नंबर लगेगा।

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