PM Modi: अरुणाचल को पीएम मोदी की सौगात, बोले- अटकाने, लटकाने और भटकाने का युग चला गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह अरुणाचल प्रदेश पहुंचे। यहां ईटानगर में उन्होंने डोनी पोलो हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। यह राज्य का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है। इसके अलावा पीएम ने 600 मेगावाट का मेंग जलविद्युत स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किया। कामेंग पनबिजली परियोजना को पश्चिम कामेंग जिले में 80 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में 8,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारा सपना था कि हमारे प्रदेश की राजधानी में एयरपोर्ट बने। आज पीएम मोदी के प्रयास से वह सपना साकार हो गया है। उन्होंने इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए थे।
PM Shri @narendramodi will shortly inaugurate Arunachal Pradesh's first greenfield airport, the Donyi Polo Airport in Itanagar, Arunachal Pradesh. pic.twitter.com/JwRjkFB55n
विज्ञापन विज्ञापन— BJP LIVE (@BJPLive) November 19, 2022
इसके बाद ईटानगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि हम एक कार्य संस्कृति लेकर आए हैं, जहां जिन परियोजनाओं का हमने शिलान्यास किया है, उनका उद्घाटन करते हैं। अटकाना, लटकाना, भटकाना का युग चला गया है।
#WATCH अरुणाचल प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईटानगर पहुंचे हैं। यहां वे डोनी पोलो हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे और 600 मेगावाट कामेंग जलविद्युत स्टेशन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। pic.twitter.com/6jf8ghJOj7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 19, 2022
पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी अरुणाचल आता हूं, एक नई उमंग, ऊर्जा और नया उत्साह लेकर जाता हूं। अरुणाचल के लोगों के चेहरे पर कभी भी उदासीनता और निराशा नहीं झलकती है, अनुशासन क्या होता है? ये यहां हर व्यक्ति और घर में नजर आता है।
उन्होंने कहा कि फरवरी 2019 में इस एयरपोर्ट का शिलान्यास हुआ था और ये सौभाग्य मुझे मिला था। हम ऐसा वर्क कल्चर लाए हैं, जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम करते हैं। अटकाना, लटकाना और भटकाना वह समय चला गया। कल्चर हो या एग्रीकल्चर, कॉमर्स हो या कनेक्टिविटी, पूर्वोत्तर को आखिरी नहीं बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब मैंने 2019 में इसका शिलान्यास किया, तब चुनाव होने वाले थे। राजनीतिक टिप्पणीकारों ने शोर मचाया कि हवाई अड्डा नहीं बनने जा रहा है और मोदी मतदान के कारण पत्थर खड़ा कर रहे हैं। आज का उद्घाटन उनके मुंह पर तमाचा है। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में जो सरकार है, उसकी प्राथमिकता देश का विकास है, देश के लोगों का विकास है।
365 दिन, चौबीसों घंटे विकास का ही करते हैं काम : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर उन्होंने कहा कि 365 दिन, चौबीसों घंटे देश के विकास का ही काम करते हैं। उन्होंने कहा, हम एक कार्य संस्कृति लेकर आए हैं, जहां जिन परियोजनाओं का हमने शिलान्यास किया है, उनका उद्घाटन भी करते हैं। हमारा काम अटकाना, लटकाना, भटकाना नहीं है। इसका युग चला गया।
एक ही सपना, मेरा देश आगे बढ़े
पीएम ने कहा, आप देखिए, अभी मैं जहां सूरज उगता है उस अरुणाचल में हूं और शाम को जहां सूरज डूबता है दमन जा कर लैंड करूंगा और बीच में काशी जाऊंगा। यह मेहनत एक ही सपने को लेकर चल रही है कि मेरा देश आगे बढ़े। मोदी ने कहा, हम चुनावों के फायदे-नुकसान सामने रख कर काम नहीं करते। हमारा तो सपना सिर्फ और सिर्फ मां भारती, हिंदुस्तान और 130 करोड़ नागरिक हैं।
मतदान के लिए पत्थर खड़ा करने की टिप्पणी करने वालों के मुंह पर तमाचा
प्रधानमंत्री ने कहा, जब मैंने 2019 में इसका शिलान्यास किया, तब चुनाव होने वाले थे। राजनीतिक टिप्पणीकारों ने शोर मचाया कि हवाई अड्डा नहीं बनने जा रहा है और मोदी मतदान के कारण पत्थर खड़ा कर रहे हैं। आज का उद्घाटन उनके मुंह पर तमाचा है। उन्होंने कहा, आज देश में जो सरकार है उसकी प्राथमिकता देश और देशवासियों का का विकास है।
दशकों तक उपेक्षा का शिकार रहा क्षेत्र
पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद पूर्वोत्तर एक अलग युग का गवाह बना। दशकों तक क्षेत्र उपेक्षा का शिकार रहा। जब अटल जी की सरकार आई तो पहली बार इसे बदलने का प्रयास किया गया। यह पहली सरकार थी, जिसने पूर्वोत्तर के विकास के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया। हमारी सरकार ने भी इन्हें आखिरी गांव, आखिरी छोर नहीं, बल्कि देश का प्रथम गांव मानकर काम किया। आज अरुणाचल के 85 प्रतिशत से ज्यादा गांवों तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बनाई जा चुकी हैं।
अब पूर्वोत्तर को मिलती है प्राथमिकता
पीएम ने कहा, अब कल्चर हो या एग्रीकल्चर, कॉमर्स हो या कनेक्टिविटी पूर्वोत्तर को आखिरी नहीं, बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है। बात ट्रेड की हो या टूरिज्म की, टेलीकॉम की हो या टेक्सटाइल्स की, ड्रोन टेक्नोलॉजी से लेकर कृषि उड़ान तक, एयरपोर्ट से लेकर पोर्ट से कनेक्टिविटी तक पूर्वोत्तर अब देश की प्राथमिकता है। भारत का सबसे लंबा ब्रिज हो या सबसे लंबा रेलरोड ब्रिज हो, रेल लाइन बिछानी हो या रिकॉर्ड तेजी से हाईवे बनाना हो देश के लिए पूर्वोत्तर सबसे पहले है। पीएम ने कहा कि केंद्र अरुणाचल प्रदेश के ढांचागत विकास के लिए 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेगा।