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Arunachal Pradesh: तूतिंग में महिलाओं के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, बहुविवाह पर कानून बनाने की मांग
Wed, 24 Sep 2025 11:06 PM IST
हिमांशु चंदेल
अमर उजाला ब्यूरो, ईटानगर
अमर उजाला ब्यूरो, ईटानगर
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:06 PM IST
सार
अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग में एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस शाखा ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अध्यक्ष कानी नाडा मालिंग ने बहुविवाह पर रोक के लिए कानून बनाने की मांग की और स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर चिंता जताई। कार्यक्रम में विवाह पंजीकरण फॉर्म वितरित किए गए और स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
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तूतिंग में महिलाओं के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले के तूतिंग क्षेत्र में मंगलवार को महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक बदलाव पर एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अरुणाचल प्रदेश वीमेन वेलफेयर सोसाइटी (एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस) तूतिंग शाखा की ओर से सोलुंग ग्राउंड में हुआ। इसमें महिलाओं की भागीदारी, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और बहुविवाह पर रोक की मांग प्रमुख मुद्दे रहे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस की अध्यक्ष अधिवक्ता कानी नाडा मालिंग रहीं। उन्होंने कहा कि भौगोलिक चुनौतियों और सीमित संपर्क के बावजूद तूतिंग शाखा ने महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण की दिशा में मिसाल कायम की है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना लैंगिक समानता के सच्चा सशक्तिकरण संभव नहीं है और महिलाओं को कठपुतली नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता बनना चाहिए।
सामाजिक बदलाव पर जोर
मालिंग ने समाज की सोच बदलने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पितृसत्तात्मक मानसिकता के कारण दूरदराज क्षेत्रों में महिलाएं अब भी निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रहती हैं। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब प्रशासन महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करे और महिलाएं भी अपनी आवाज बुलंद करें।
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ये भी पढ़ें- जेपीसी ने आर्थिक विशेषज्ञों से की बात, अध्यक्ष बोले- एक देश, एक चुनाव से GDP को होगा 1.5 फीसदी लाभ
बहुविवाह को बताया लैंगिक अन्याय की जड़
मालिंग ने घरेलू हिंसा कानून का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में कई हिंसा के मामलों की जड़ बहुविवाह है। उन्होंने इसे रोकने के लिए कानूनी सुधार की मांग की। उनका कहना था कि कानून ही महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी हथियार है। अधिवक्ता पायलट आपांग ने भी बहुविवाह मुद्दे पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता
मालिंग ने तूतिंग क्षेत्र की यात्रा के दौरान देखी गई कठिनाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजमार्ग निर्माण के कारण जगह-जगह सड़क अवरोध हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचने में बड़ी मुश्किलें आती हैं। हाल ही में दो महिलाओं ने रास्ते में ही बच्चों को जन्म दिया। यह स्थिति मातृ और शिशु स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
ये भी पढ़ें- सलमान के घर फायरिंग करने वाले की जमानत खारिज, कोर्ट ने मानी अपराध में सक्रिय भूमिका
स्वास्थ्य शिविर और व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में शादी पंजीकरण फॉर्म वितरित किए गए। साथ ही स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और पोषण माह के तहत स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और बच्चों को मुफ्त परामर्श और दवाएं दी गईं। कार्यक्रम में एडीसी तूतिंग पांडव पर्तिन, पांच डोगरा रेजिमेंट के कर्नल मनीप शॉ विशेष अतिथि रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूह और सेना के लोग शामिल हुए।
जागरूकता विषय और सहभागिता
कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों ने जागरूकता सत्र लिए। डीआईपीआरओ यिंगकियोंग स्मति यालिक जेरांग ने महिला सशक्तिकरण-एक हकीकत विषय पर प्रस्तुति दी। मेजर डॉ. प्रीति ठाकुर ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और उसकी रोकथाम पर जानकारी दी। थाना प्रभारी जुमकेन रीना ने पॉस्को एक्ट 2012 और एनडीपीएस एक्ट पर बताया। अंत में एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस महासचिव स्मति ओयांग दुग्गोंग ने 2019–2025 की गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया और सभी का आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस की अध्यक्ष अधिवक्ता कानी नाडा मालिंग रहीं। उन्होंने कहा कि भौगोलिक चुनौतियों और सीमित संपर्क के बावजूद तूतिंग शाखा ने महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण की दिशा में मिसाल कायम की है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना लैंगिक समानता के सच्चा सशक्तिकरण संभव नहीं है और महिलाओं को कठपुतली नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता बनना चाहिए।
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सामाजिक बदलाव पर जोर
मालिंग ने समाज की सोच बदलने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पितृसत्तात्मक मानसिकता के कारण दूरदराज क्षेत्रों में महिलाएं अब भी निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रहती हैं। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब प्रशासन महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करे और महिलाएं भी अपनी आवाज बुलंद करें।
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बहुविवाह को बताया लैंगिक अन्याय की जड़
मालिंग ने घरेलू हिंसा कानून का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में कई हिंसा के मामलों की जड़ बहुविवाह है। उन्होंने इसे रोकने के लिए कानूनी सुधार की मांग की। उनका कहना था कि कानून ही महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी हथियार है। अधिवक्ता पायलट आपांग ने भी बहुविवाह मुद्दे पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता
मालिंग ने तूतिंग क्षेत्र की यात्रा के दौरान देखी गई कठिनाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजमार्ग निर्माण के कारण जगह-जगह सड़क अवरोध हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचने में बड़ी मुश्किलें आती हैं। हाल ही में दो महिलाओं ने रास्ते में ही बच्चों को जन्म दिया। यह स्थिति मातृ और शिशु स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
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स्वास्थ्य शिविर और व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में शादी पंजीकरण फॉर्म वितरित किए गए। साथ ही स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और पोषण माह के तहत स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और बच्चों को मुफ्त परामर्श और दवाएं दी गईं। कार्यक्रम में एडीसी तूतिंग पांडव पर्तिन, पांच डोगरा रेजिमेंट के कर्नल मनीप शॉ विशेष अतिथि रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूह और सेना के लोग शामिल हुए।
जागरूकता विषय और सहभागिता
कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों ने जागरूकता सत्र लिए। डीआईपीआरओ यिंगकियोंग स्मति यालिक जेरांग ने महिला सशक्तिकरण-एक हकीकत विषय पर प्रस्तुति दी। मेजर डॉ. प्रीति ठाकुर ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और उसकी रोकथाम पर जानकारी दी। थाना प्रभारी जुमकेन रीना ने पॉस्को एक्ट 2012 और एनडीपीएस एक्ट पर बताया। अंत में एपीडब्ल्यूडब्ल्यूएस महासचिव स्मति ओयांग दुग्गोंग ने 2019–2025 की गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया और सभी का आभार व्यक्त किया।