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तीन-तीन सीएम की मौत के बाद एक बंगला बना भुतहा

एजेंसी/ ईटानगर Updated Wed, 04 Jan 2017 04:50 AM IST
Arunachal Pradesh ‘haunted’ CM bungalow
- फोटो : Reuters
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अरुणाचल प्रदेश की सरकार भी भूत-प्रेत और पूजा-पाठ में यकीन करने लगी है। दरअसल, यहां तीन-तीन मुख्यमंत्रियों और एक कर्मी की असामयिक मौत ने आम जनता के साथ-साथ सरकार को भी इसे भुतहा मानने पर मजबूर कर दिया जिसके चलते इस बंगले में पूजा-पाठ कराने के बाद इसे गेस्ट हाउस में तब्दील किया जा रहा है। 



हाल ही में यहां पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल ने आत्महत्या कर ली थी जबकि इससे पहले दो अन्य मुख्यमंत्रियों-दोरजी खांडू तथा जारबम गैमलिन की यहीं रहते हुए असामयिक मौत हो चुकी है। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के नीति विहार स्थित इस आधिकारिक मुख्यमंत्री निवास पर 9 अगस्त को कलिखो पुल की आत्महत्या के दो महीने बाद ही एक कर्मचारी ने पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली थी। 


उप मुख्यमंत्री चौणा मीन ने बताया कि मुख्यमंत्री के बंगले को सरकारी गेस्ट हाउस में बदलने का निर्णय लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बंगले की साफ-सफाई और जरूरी मरम्मत के बाद उसे अगले तीन से चार महीने में दोबारा रहने लायक बनाया जाएगा। लोगों के मन से बंगले के भुतहा होने का भय और वहम दूर करने के लिए सरकार वहां पूजा-पाठ भी कराएगी। 

इस आधुनिक बंगले का निर्माण 2007-09 में शुरू किया गया था और यह 2009-10 में बनकर तैयार हुआ था। कुल 2794.80 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले इस बंगले को बनाने में उस वक्त 59.55 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। यह प्रोजेक्ट पीडब्ल्यूडी की देखरेख में शुरू हुआ था और इसकी डिजाइन शहरी विकास मंत्रालय तथा शहर नियोजन विभाग के मुख्य वास्तुकार ने तैयार की थी।

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से भी कराई गई पूजा-पाठ

मुख्यमंत्री नबाम तुकी के कार्यकाल में बंगले का निरीक्षण करने वाले गुवाहाटी के एक वास्तुकार ने इसके ले-आउट में कुछ खामियां उजागर की थी और इसमें कुछ बदलाव के सुझाव दिए थे। मसलन मौजूदा दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थित जलस्रोत को पूर्वोत्तर दिशा में स्थापित किया जाना चाहिए, आदि। यह भवन सन 1980 के दशक के पुराने भवन को दोरजी खांडू के कार्यकाल में नए सिरे से आधुनिक बनाया गया था। दोरजी खांडू ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा द्वारा पूजा-पाठ कराने के बाद 14 नवंबर 2009 को यहां गृहप्रवेश किया था। 

लेकिन 30 अप्रैल 2011 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में खांडू की मौत हो गई और महज छह महीने के लिए मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने वाले जारबम गैमलिन इस बंगले में आए। इस्तीफा देने से ठीक पहले 30 नवंबर 2014 को उनकी 53 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। इसके बाद इस बंगले में आए नबाम तुकी का कार्यकाल भी उथल-पुथल भरा रहा। दिसंबर 2015 में विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उन्हें हटा दिया गया। 

सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई 2016 को उन्हें पद पर बने रहने का फैसला दिया, लेकिन इसके बावजूद वह मुख्यमंत्री नहीं रह सके क्योंकि उनकी पार्टी के असंतुष्ट विधायकों ने चार दिन बाद ही उनकी जगह पेमा खांडू को अपना नेता चुन लिया। हालांकि तुकी ने 26 जनवरी 2016 को राष्ट्रपति शासन लगने के बाद बंगला खाली कर दिया था और 19 जनवरी 2016 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कलिखो पुल यहां रहने लगे थे। मौजूदा मुख्यमंत्री पेमा खांडू अभी अपने निजी आवास में रह रहे हैं।  
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