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Arunachal: ‘आज का भारत 1962 का नहीं, मोदी और शाह का’, अरुणाचल के मुख्यमंत्री खांडू का चीन को दो टूक

Tue, 11 Apr 2023 03:24 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अरुणाचल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अरुणाचल Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 11 Apr 2023 03:24 PM IST
सार

शाह सोमवार को उत्तरी सीमा से सटे गांवों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' (वीवीपी) की शुरुआत करने के लिए यहां आए थे।

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Arunachal CM Khandu statement Today India not of 1962, but of Modi and Shah
पेमा खांडू, मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आज का भारत वह नहीं है जो 1962 में था बल्कि एक ऐसा देश है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का है। शाह की मौजूदगी में खांडू ने यह भी कहा कि शायद यह पहली बार है कि कोई केंद्रीय गृह मंत्री चीन की सीमा के इतने करीब आया है।

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कई परियोजनाओं का किया शुभारंभ

शाह सोमवार को उत्तरी सीमा से सटे गांवों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' (वीवीपी) की शुरुआत करने के लिए यहां आए थे। उन्होंने सरकार की नौ सूक्ष्म पनबिजली परियोजनाओं और 120 करोड़ रुपये की भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 14 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वालों के लाभ के लिए स्वर्ण जयंती सीमा रोशनी कार्यक्रम के तहत बनाई जा रही हैं। वहीं, चीन ने सोमवार को शाह की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर आपत्ति जताई थी।

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इतिहास पर नजर डाले तो 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान अरुणाचल प्रदेश के आधे से भी ज्यादा हिस्से पर चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने अस्थायी रूप से कब्जा कर लिया था।

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खांडू का बयान

खांडू की टिप्पणी इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि कुछ दिन पहले बीजिंग ने अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों के लिए चीनी नामों की घोषणा की थी, जिसे पड़ोसी देश तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा होने का दावा करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार पूर्वोत्तर खासकर अरुणाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास का पूरे दिल से समर्थन कर रही है।

गौरतलब है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के दौरान सड़क संपर्क के लिए विशेष रूप से 2500 करोड़ रुपये सहित 4800 करोड़ रुपये के केंद्रीय योगदान के साथ 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' (वीवीपी) को मंजूरी दी है।

क्या है वीवीपी

वीवीपी एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसके तहत व्यापक विकास के लिए अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उत्तरी सीमा से सटे 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 2967 गांवों की पहचान की गई है।

अरुणाचल प्रदेश के 455 गांवों में पहुंचेगा 'विकास'

केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के पहले चरण में, प्राथमिकता के आधार पर 662 गांवों की पहचान की गई है, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के 455 गांव शामिल हैं। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, पहचान किए गए सीमावर्ती गांवों के लोगों के जीवनस्तर में सुधार करने में मदद करेगा। उन्हें अपने मूल स्थानों पर रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इन प्रयासों के जरिए सीमावर्ती गांवों से पलायन को रोकने में मदद मिलेगी। दूसरा, सीमा की सुरक्षा बढ़ाने में भी सहयोग प्राप्त होगा। ब्लॉक और पंचायत स्तर पर उपयुक्त तंत्र की मदद से जिला प्रशासन, केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं पर 100 फीसदी अमल सुनिश्चित करेगा। इसके माध्यम से चिन्हित गांवों के लिए कार्य योजना तैयार होंगी। गांवों के विकास के लिए पहचान किए गए फोकस क्षेत्रों में सड़क संपर्क, पेयजल, सौर एवं पवन ऊर्जा सहित बिजली, मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन केंद्र, बहुउद्देश्यीय केंद्र और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा व स्वास्थ्य कल्याण केंद्र शामिल हैं।

 

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