शीत सत्र के पहले दिन याद किए गए जेटली, राज्यसभा सदस्य बोले- खलेगी कमी
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शीत सत्र के पहले दिन राज्यसभा में सदस्यों ने अपने साथी और पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली को याद करते हुए कहा कि उनकी कमी बहुत खलेगी। सदस्यों ने जेटली समेत राम जेठमलानी, जगन्नाथ मिश्र, सुखदेव सिंह लिबरा और गुरदास दासगुप्ता को श्रद्धांजलि दी। वर्तमान सदस्यों के सम्मान में उच्च सदन को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया गया।
बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद सभापति ने जेटली, जेठमलानी, मिश्र, लिबरा और दासगुप्ता के निधन का जिक्र किया। जेटली को ‘उत्कृष्ट राजनीतिज्ञ’ बताते हुए नायडू ने कहा कि उनकी प्रखर मेधा हर क्षेत्र में जाहिर होती थी।
उन्होंने कहा, हर विषय पर गहरा ज्ञान रखने वाले जेटली ने न केवल समय समय पर सरकार के लिए ‘संकट मोचक’ की भूमिका निभाई बल्कि कई अहम विधायी कामकाज संपन्न कराने में और सदन की गरिमा बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
जेटली अप्रैल 2000 से 24 अगस्त 2019 को उनके निधन तक उच्च सदन के सदस्य रहे। जेटली ने विभिन्न मंत्रालयों का प्रभार संभाला और जीएसटी, बेनामी कानून, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता संबंधी विधेयकों के पारित होने में तथा रेल बजट का आम बजट में विलय करने में अहम भूमिका निभाई।
कड़वाहट को मिठास में बदल देते थे जेटली : आजाद
सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद ने कहा, सदस्यों के साथ जेटली के मधुर रिश्ते सदन के गर्मागर्म माहौल में विभिन्न मुद्दों पर उपजी कड़वाहट को मिठास में बदल देते थे। उन्होंने कहा, कुछ लोगों के जाने से केवल पार्टी को ही नहीं बल्कि पूरे देश को नुकसान होता है। हमने मीडिया के साथ इतने अच्छे संबंध रखने वाला मंत्री और नेता नहीं देखा।
नए सांसदों के परामर्शदाता थे जेटली : ब्रायन
तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, राजनीतिक मतभेद चाहे कितने ही रहें, संसद में आने वाले नए सांसदों के लिए जेटली से बेहतर परामर्शदाता और कोई नहीं मिल सकता था। ब्रायन ने बताया, मीडिया से रिश्तों पर एक बार उन्होंने जेटली को ‘प्लान्टेशन मैनेजर’ कहा था। जेटली ने इस टिप्पणी को मुस्कुराते हुए, सकारात्मक तरीके से लिया था।
जेटली ने रिश्ते निभाना सिखाया : राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, जेटली के निधन से उनकी पार्टी को गहरा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, जेटली से हमने सीखा कि रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं। भाजपा नेता जेपी नड्डा ने जेटली को मृदुभाषी, ज्ञान का भंडार एवं विशाल व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा की स्वीकार्यता बढ़ाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
छह बार जेठमलानी उच्च सदन में सदस्य बने
उच्च सदन के वर्तमान सदस्य राम जेठमलानी के निधन का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि ख्यात वकील रहे जेठमलानी ने छह बार उच्च सदन में कर्नाटक, राजस्थान, बिहार का प्रतिनिधित्व किया। उनका आठ सितंबर 2019 को 95 साल की आयु में निधन हुआ।
वहीं जगन्नाथ मिश्र का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा, आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से जुड़े रहे मिश्र अर्थशास्त्र के प्राध्यापक थे और उर्दू को बढ़ावा देने में उनका योगदान उल्लेखनीय था। मिश्र का निधन 19 अगस्त 2019 को 82 साल की आयु में हुआ। उन्होंने अप्रैल 1988 से दो बार उच्च सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व किया था।