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अगले साल 14 सितंबर तक सीलिंग में रहेंगे कृत्रिम घुटने के दाम, तीन दिन पहले खत्म हुई थी सीमा
Fri, 18 Sep 2020 05:42 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 18 Sep 2020 05:42 AM IST
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knee pain
- फोटो : फाइल फोटो
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राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने बुजुर्गों को एक बड़ी राहत दी है। एनपीपीए ने देश में कृत्रिम घुटना प्रत्यारोपण के मूल्य पर लगी सीलिंग को अगले साल 14 सितंबर तक बढ़ा दिया है। केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस बारे में एनपीपीए ने दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ)-2013 के तहत अधिसूचना जारी कर दी है।
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तीन दिन पहले खत्म हो गई थी सीलिंग की सीमा, 2017 में की गई थी व्यवस्था लागू
दवा मूल्य नियामक ने 16 अगस्त 2017 को पहली बार आर्थोपैडिक घुटना प्रत्यारोपण के खर्च पर सीलिंग लगाने की घोषणा की थी। उस समय यह सीलिंग महज एक साल के लिए घोषित की गई थी। इसके बाद यह समय हर साल एक साल के लिए बढ़ता रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, इस बार यह सीलिंग इस साल 15 अगस्त को खत्म हो गई थी और तभी से घुटना प्रत्यारोपण के सीलिंग मूल्य की समीक्षा की जरूरी थी।
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मंत्रालय ने कहा कि 6 अगस्त को एनपीपीए ने 14 प्रमुख कंपनियों की बिक्री के डाटा का आंकड़ा एकत्र करने के बाद सीलिंग को 15 अगस्त से एक महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया था। यह बढ़ी हुई अवधि 15 सितंबर को खत्म हो रही थी। मंत्रालय के मुताबिक, 14 सितंबर को ही राष्ट्रीय नियामक की तरफ से बैठक बुलाकर फ्क्सि सीलिंग मूल्य की सुविधा को अगले साल 14 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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69 फीसदी तक घट गए थे दाम
मंत्रालय का दावा है कि घुटना प्रत्यारोपण के लिए 2017 में लगी सीलिंग के कारण इसके दामों में 69 फीसदी तक कमी आई थी। साथ ही इसके चलते देशी निर्माताओं के मार्केट शेयर में भी दो साल के दौरान 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी सफल बना रही है।