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कुछ ही सालों में मिलेगी आर्टिफिशियल किडनी, डायलिसिस के मुकाबले होगी बहुत सस्ती

Fri, 27 Jan 2017 12:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Jan 2017 12:04 PM IST
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Artificial kidney may hit market by end of decade
डेमो पिक - फोटो : Social Media
किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हजारों लोगों को डायलिसिस मशीन के जरिए जिंदा रखा जाता है। इसके लिए उन्हें घंटों अस्पताल के बेड पर रहना पड़ता है, लेकिन अब ऐसे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल मुट्टी भर आकार की आर्टिफिशियल किडनी डिवाइस के इस दशक के आखिर तक मार्केट में आ जाने की उम्मीद है। 
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टैंकर वार्षिक चैरिटी और अवॉर्ड्स कार्यक्रम की रात बुधवार को इस डिवाइस के सह-निर्माता डॉक्टर शुवो रॉय ने कहा, 'अमेरिका में इस डिवाइस पर काम हो रहा है और सैकड़ों मरीजों पर इसकी सुरक्षा और काम करने की क्षमता का परीक्षण चल रहा है। इसके बाद एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) की ओर से इसे स्वीकृति मिल जाएगी। डॉ. शुवो यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैनफ्रांसिस्को में रिसर्चर हैं।
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इस डिवाइस को मरीज के पेट में लगाया जा सकता है और यह हृदय की सहायता से चलेगी। इसका काम मुख्य तौर पर खून को फिल्टर करना और किडनी के दूसरे कामों को अंजाम देना है। जैसे, हार्मोन्स का उत्पादन और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में मदद करना। यह डिवाइस डायलिसिस की तरह खून से केवल टॉक्सिन्स को अलग नहीं करती बल्कि इसके पास एक मेम्ब्रेन भी है जो ब्लड को फिल्टर करता है और बायो-रिएक्टर किडनी की कोशिकाओं में भी रक्त प्रवाहित करता है।  
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उन्होंने कहा, 'यह डिवाइस कन्वेंशनल डायलिसिस के मुकाबले किडनी के काम को बेहतरीन तरीके से करती है।'

डायलिसिस के मुकाबले सस्ती होगी आर्टिफिशियल किडनी 

Artificial kidney may hit market by end of decade
डेमो पिक - फोटो : Social Media
किडनी के खराब होने का अंतिम चरण तब होता है, जब यह शरीर से गंदगी और फालतू द्रव को शरीर से बाहर नहीं कर पाती। इस स्थिति में मरीज को डायलिसिस पर रखा जाता है। कभी-कभी तो मरीज को हफ्ते में तीन बार डायलिसिस पर रखना पड़ता है। शुगर और हाइपरटेंशन की बीमारी के लगातार बढ़ते जाने से मरीजों में किडनी के खराब होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 

भारत में हर साल लगभग 2.5 लाख लोग किडनी की बीमारी की वजह से काल के गाल में समा जाते हैं। शुगर और हाई ब्लड प्रेशर ज्यादातर मामलों में दो प्रमुख कारण उभरकर सामने आते हैं। दूसरी ओर खराब किडनी के मरीज का डायलिसिस के जरिए इलाज बहुत महंगा पड़ता है। 

तमिलनाडु में जनवरी 2012 से मई 2016 के बीच 2.21 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज डायलिसिस के जरिए हुआ और इसकी लागत 169.72 लाख रुपये करीब आई। डायलिसिस के अलावा 60,000 लोगों ने किडनी में पथरी और किडनी ट्रांसप्लांट का इलाज करवाया है। 

हालांकि डॉक्टर शुवो रॉय ने इस डिवाइस की अनुमानित कीमत नहीं बताई, लेकिन उन्होंने कहा कि रेगुलर डायलिसिस और ट्रांसप्लांट के मुकाबले इसकी कीमत बहुत कम होगी। 
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