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Indian Army: सेना ने आपातकालीन खरीद के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए; 7,600 करोड़ आएगी लागत
Mon, 14 Aug 2023 10:41 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 14 Aug 2023 10:41 PM IST
सार
Indian Army: सेना द्वारा आपातकालीन खरीद के चौथे दौर के तहत 7,600 करोड़ रुपये की 49 योजनाओं का अनुबंध किया गया है, जिसमें ड्रोन से लेकर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण तक की क्षमताएं शामिल हैं।
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भारतीय सेना (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सेना द्वारा आपातकालीन खरीद के चौथे दौर के तहत 7,600 करोड़ रुपये की 49 योजनाओं का अनुबंध किया गया है, जिसमें ड्रोन से लेकर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण तक की क्षमताएं शामिल हैं। यह स्वदेशी समाधानों के साथ बल को भविष्य के युद्धों को लड़ने के लिए तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के अनुरूप है। रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी।
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सैन्य प्रतिष्ठान के सूत्रों ने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए 'एक लचीले और अनुकूल दृष्टिकोण' (फ्लेग्जिबल एंड एडप्टिव अप्रोच) की आवश्यकता है। आपातकालीन खरीद (ईपी) की पहली तीन किस्तों में 6,600 करोड़ रुपये की 68 योजनाओं पर हस्ताक्षर किए गए थे।
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एक सूत्र ने कहा, 'चौथी किस्त के हिस्से के रूप में, 7,600 करोड़ रुपये की 49 योजनाओं को गतिशीलता समाधान से लेकर संचार प्रणाली, ऊर्जा समाधान, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, आयुध और सिमुलेटर, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तक की क्षमताओं के लिए अनुबंधित किया गया है।'
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सूत्रों ने कहा कि यह भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने और एक जीवंत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के इरादे से 'आत्मनिर्भरता' के दृष्टिकोण को साकार करने का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि खरीद के चौथे दौर के तहत अनुबंधित की जा रही 49 योजनाओं के अलावा, लगभग सात हजार करोड़ रुपये की 34 योजनाएं खरीद के अंतिम चरण में हैं।
उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक और नैनो ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, लॉइटर गोला-बारूद, निहत्थे हवाई वाहन या यूएवी-लॉन्च सटीक-निर्देशित मिसाइल, और स्वचालित स्पेक्ट्रम निगरानी प्रणाली जैसी विशिष्ट तकनीकों की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा, सेना 2023 को 'परिवर्तन के वर्ष' के रूप में मना रही है, और अपनी क्षमताओं में बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही है।