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Landslide in Sikkim: सिक्किम में भूस्खलन में एक की मौत, दबे आठ लोगों को निकालने के लिए सेना ने चलाया बचाव अभियान
Thu, 16 Jun 2022 01:20 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाक्योंग।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाक्योंग।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 16 Jun 2022 01:20 AM IST
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भूस्खलन में दबे लोगों को निकालते सेना के जवान।
- फोटो : सोशल मीडिया
सिक्किम में पिछले दो दिनों से भारी बारिश ने कहर बरपाया है। भारी बारिश की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों द्वारा 17 माइल पर स्थापित शिविर में भारी भूस्खलन हुआ। बताया गया कि गंगटोक-नाथुला हाईवे पर 17वें माइल के पास भूस्खलन एजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के भोजन कक्ष (मेस रूम) में हुआ, जिसमें कुछ मजदूर फंस गए थे।
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सेना द्वारा जारी एक बयान में बताया गया है कि घटना की जानकारी मिलने पर सेना के ब्लैक कैट डिवीजन के दल हरकत में आए और भूस्खलन से मलबे में दबे आठ नागरिकों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया और मलबे से सुरक्षित निकालकर सभी को इलाज के लिए नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती किया गया, हालांकि उनमें से एक ने व्यक्ति ने सैन्य अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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मृत व्यक्ति की पहचान अरुणाचल प्रदेश निवासी कालू तमांग (35) के रूप मे ंहुई है। वह सिक्किम में मजदूर के तौर पर काम करता था। दो अन्य मजदूरों को बचा लिया गया और चिकित्सा सहायता के लिए दोनों को गंगटोक के एसटीएनएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। भारतीय सेना, वन अधिकारियों और शेरेथांग पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने बचाव अभियान चलाया।
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बता दें कि भारतीय सेना के ब्लैक कैट डिवीजन के सैनिक सुदूर इलाकों में सबसे पहले प्रतिक्रिया करने वाले होते हैं। ये अपनी ड्यूटी से परे नागरिकों के बचाव अभियानों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। इनका मिशन सीमावर्ती गांवों में 'यूनाइटेड वी स्टैंड' की गहरी भावना व्यक्त करते हैं, जहां स्थानीय लोग और सैनिक पूर्ण सद्भाव में काम कर रहे हैं।