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Shaksgam Valley: 'PAK-चीन का समझौता अवैध', शक्सगाम घाटी पर चीनी दावों को लेकर सेना प्रमुख की दो टूक

Wed, 14 Jan 2026 12:29 AM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 14 Jan 2026 12:29 AM IST
सार

सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, 'इस मोर्चे पर हमारी निरंतर रणनीतिक दिशा के साथ, एलएसी के साथ हमारी तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है। साथ ही, समग्र सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से क्षमता विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में प्रगति हो रही है।'

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Army chief General Upendra Dwivedi says India considers Pakistan China pact on Shaksgam Valley illegal MEA
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारत का पड़ोसी देश चीन पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाली शक्सगाम घाटी को लेकर तमाम दावे कर रहा है। इस बीच सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भारत शक्सगाम घाटी पर पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 में हुए समझौते को 'अवैध' मानता है।
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जनरल द्विवेदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये टिप्पणियां विदेश मंत्रालय की ओर से शक्सगाम घाटी में चीन की विकास परियोजनाओं की आलोचना करने और यह कहने के चार दिन बाद आईं कि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का अधिकार रखता है क्योंकि यह एक भारतीय क्षेत्र है।
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पाकिस्तान-चीन का समझौता अवैध :सेना प्रमुख
पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से शक्सगाम घाटी में स्थित 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था, जो कि उन क्षेत्रों से था जिन पर पाकिस्तान ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा था। सेना प्रमुख ने कहा, 'जहां तक शक्सगाम घाटी का सवाल है, भारत पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के समझौते को अवैध मानता है।'
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उन्होंने कहा, 'हम घाटी में किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करते हैं। विदेश मंत्रालय पहले ही यह बात स्पष्ट रूप से कह चुका है। इसलिए, चीन में जारी संयुक्त बयान के अनुसार, सीपीईसी 2.0 के बारे में मेरी समझ के अनुसार, हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं और इसे दोनों देशों द्वारा की जा रही एक अवैध कार्रवाई मानते हैं।'

शक्सगाम घाटी में बुनियादी ढांचों के निर्माण पर क्या बोला चीन?
भारत तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की कड़ी आलोचना करता रहा है, जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है। भारत की ओर से पिछले सप्ताह की गई टिप्पणियों के बाद चीन ने सोमवार को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को फिर दोहराया। बीजिंग ने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र में चीनी परियोजनाएं गलत नहीं हैं।


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विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, 'हमने शक्सगाम घाटी में जमीनी हकीकत को बदलने के प्रयासों के खिलाफ चीनी पक्ष के साथ लगातार विरोध जताया है। हम अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।'

एलएसी को लेकर सेना प्रमुख ने क्या कहा?
चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति के बारे में जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह स्थिर बनी हुई है लेकिन निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, 'उच्च स्तरीय बातचीत, नए सिरे से संपर्क और विश्वास बढ़ाने वाले उपाय स्थिति को धीरे-धीरे सामान्य करने में योगदान दे रहे हैं। इससे उत्तरी सीमाओं के साथ-साथ पशुपालन, जल चिकित्सा शिविर और अन्य गतिविधियां भी संभव हो पाई हैं।'

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