Maharashtra: पुणे में NDA की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए सेना प्रमुख, महिला कैडेटों की तारीफ की
पुणे के खडकवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में 146वें कोर्स की पासिंग आउट परेड हुई। इस परेड में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रिव्यू ऑफिसर के रूप में शामिल हुए।
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महाराष्ट्र के पुणे के खडकवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में 146वें कोर्स की पासिंग आउट परेड हुई। इस परेड में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रिव्यू ऑफिसर के रूप में शामिल हुए। इस दौरान सेना प्रमुख ने परेड कमांडर और कैडेटों की तारीफ की। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि अंतरिक्ष, साइबर और सूचना क्षेत्रों में तकनीकी प्रगति के कारण युद्ध की प्रकृति देती से बदल रही है। उन्होंने एनडीए से पास आउट हो रहे सैनिकों से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्नत रहने का आह्वान किया। सेना प्रमुख पुणे के खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 146वें बैच की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया।
#WATCH | Maharashtra: Army Chief General Manoj Pande reviews passing out parade of 146th course of NDA at Khadakwasla in Pune. pic.twitter.com/U7rDA3LKNx
— ANI (@ANI) May 24, 2024विज्ञापन
जनरल मनोज पांडे ने कहा, 'आपके जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर आपको संबोधित करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह आपके दिल और आत्मा में गर्व से अंकित रहेगा। मैं कमांडर और कैडेटों को उनके अच्छे अभ्यास के लिए बधाई देना चाहता हूं।परेड की महिला कैडेट वास्तव में नारी शक्ति और समावेशी सशस्त्र बलों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।'
जनरल पांडे ने नए कैडेट्स से कहा, एक साल बाद आप कमीशन अधिकारी बनेंगे। आपको युद्ध में अपनी टीम का नेतृत्व करना होगा। भविष्य के युद्धक्षेत्र में काम करने के लिए, आपको अपनी तकनीकी सीमा को बढ़ाने की जरूरत है। एक सच्चा लीडर उदाहरण पेश करके नेतृत्व करता है। वह अपने अधीन लोगों के भरोसे को कभी हल्के में नहीं लेता, बल्कि उसे अर्जित करता है। आप में से हर कोई अलग-अलग पृष्ठभूमि से आया है, लेकिन एक बात समान है कि आपने सैनिक का पेशा चुना है। आपकी उम्र के कई युवा सफल होने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ योग्य लोगों का ही चयन हो पाता है और वे अपनी पहचान बना पाते हैं, इसलिए अपनी उपलब्धियों पर गर्व करें। उन्होंने कहा कि आप सभी याद रखें कि इस वर्दी में आगे की यात्रा लंबी है। आपके पास उत्कृष्टता हासिल करने और अपनी योग्यता साबित करने के पर्याप्त अवसर होंगे।
सेना प्रमुख ने कहा, तकनीकी प्रगति के बावजूद, युद्ध के मैदान में मशीन के पीछे पुरुष या महिला की भूमिका कम नहीं हुई है। एनडीए में प्रशिक्षण के दौरान, आपको नेतृत्व के बुनियादी पहलुओं से परिचित कराया गया है। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, नेतृत्व कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित करें और खुद को एक जूनियर लीडर की भूमिका निभाने के योग्य बनाएं। जनरल पांडे ने कहा, परेड में महिला कैडेट वास्तव में नारी शक्ति और समावेशी सशस्त्र बलों के प्रति हमारी प्रतिबद्धताओं का प्रतीक हैं। परेड में कुल 24 महिला कैडेटों की एक टुकड़ी मार्चिंग दल का हिस्सा थी।