फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Army chief General Bipin says The imposing of Governor's rule will not affect our operations

जम्मू में आतंकियों के खिलाफ तेज होगा ऑपरेशन, सेना प्रमुख ने कहा- राज्यपाल शासन से नहीं पड़ेगा फर्क

Wed, 20 Jun 2018 01:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 20 Jun 2018 01:03 PM IST
विज्ञापन
Army chief General Bipin says The imposing of Governor's rule will not affect our operations

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खात्मे को चलाए जाने वाले ऑपरेशन आलआउट पर डीजीपी एस. पी. वैद के बाद सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बयान दिया है। सेना प्रमुख ने संवाददाताओं से बातचीत में यह साफ किया कि राज्यपाल शासन से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सेना के काम पर कोई राजनीतिक दखल नहीं दिया जा रहा है। हमनें केवल रमजान के दौरान (जम्मू-कश्मीर में) ऑपरेशन बंद किया था। लेकिन हमने देखा कि क्या हुआ?  
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल ने बुलाई बैठक, डीजीपी बोले- आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज होगा
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि इससे पहले, इसी संबंध में डीजीपी एस. पी. वैद ने कहा कि आने वाले दिनों में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज होगा। आतंक फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी वैद ने यह भी कहा कि राज्यपाल के शासन में पुलिस को काम करने में काफी आसानी होगी। बता दें कि सीजफायर की समाप्ति के बाद पिछले दो दिनों में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन में चार आतंकी ढेर किए हैं। 
 

गौरतलब है कि कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर राजनीति भारी पड़ रही थी। रमजान में एकतरफा सीजफायर करने का फैसला भारी पड़ा। आतंकी सेना और पुलिस पर हावी हो गए थे। जिसके बाद ऑपरेशन आलआउट फिर से जारी रखने के निर्देश दिए गए। 

सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस को चार दिन पहले ही बोल दिया गया था कि आतंकियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें। इसमें कोई राजनीति हस्तक्षेप नहीं होगा। तीन दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एकतरफा सीजफायर को वापिस कर लिया। उसके अगले ही दिन सेना प्रमुख रियासत के दौरे पर पहुंच गए। ऑपरेशन आलआउट में कहीं न कहीं राजनीतिक हस्तक्षेप एक बड़ा रोड़ा बन गया था। वहीं, रक्षा विशेषज्ञों की भी राय है कि अब सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। एकतरफा सीजफायर का आखिर नतीजा क्या हुआ। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed