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CDS: 'बदलते स्वरूप में सशस्त्र सेनाओं को तकनीक आधारित युद्ध की ओर बढ़ना चाहिए', जनरल अनिल चौहान का बयान
Wed, 25 Feb 2026 11:09 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 25 Feb 2026 11:09 PM IST
सार
CDS: सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध अब केवल भौतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई इंटरनेट, तकनीक और लोगों के दिमाग (सोच) तक भी पहुंच गई है। ऐसे में सशस्त्र बलों को केवल नेटवर्क आधारित अभियानों से आगे बढ़कर बुद्धिमान युद्ध प्रणाली अपनानी होगी और बहु-क्षेत्रीय अभियानों से आगे बढ़ते हुए सभी क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की क्षमता विकसित करनी होगी। पढ़ें रिपोर्ट-
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि आज का युद्ध सिर्फ जमीन, हवा या समुद्र तक सीमित नहीं है। अब लड़ाई इंटरनेट, तकनीक और लोगों के दिमाग (सोच) तक भी पहुंच गई है। इसलिए भारतीय सशस्त्र सेनाओं को सिर्फ नेटवर्क के जरिये काम करने (नेट-सेंट्रिक ऑपरेशन) से आगे बढ़कर स्मार्ट और तकनीक आधारित युद्ध (इंटेलिजेंट वॉरफेयर) की ओर बढ़ना होगा।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्या कहा?
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उन्होंने कहा, सेना को सिर्फ अलग-अलग क्षेत्रों (जमीन, हवा, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष) में काम करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर क्षेत्र में एक साथ और पूरी ताकत से काम करने की रणनीति अपनानी होगी, जिसे ऑल रियल्म ऑल डोमेन ऑपरेशन कहा जाता है।
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सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्या कहा?
- जनरल अनिल चौहान ने हैदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन कॉलेज (सीडीएम) में आयोजित वार्षिक सेमिनार को संबोधित किया।
- सीडीएस ने कहा, आज का युद्ध तेजी से बदल रहा है। अब लड़ाई सिर्फ मैदान में आमने-सामने नहीं होती, बल्कि तकनीक, साइबर और जानकारी के जरिये भी लड़ी जाती है। यानी युद्ध में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ नई तकनीक और बिना सीधे टकराव के तरीके भी शामिल हो गए हैं।
- उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी मजबूत रणनीतिक क्षमता विकसित करनी चाहिए, जो परमाणु हथियारों के बिना भी दुश्मन को रोक सके। इससे किसी भी तनाव या टकराव की स्थिति में देश हर स्तर पर मजबूती से जवाब दे सके और जीत हासिल कर सके।
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उन्होंने कहा, सेना को सिर्फ अलग-अलग क्षेत्रों (जमीन, हवा, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष) में काम करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर क्षेत्र में एक साथ और पूरी ताकत से काम करने की रणनीति अपनानी होगी, जिसे ऑल रियल्म ऑल डोमेन ऑपरेशन कहा जाता है।