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SC: आवारा कुत्तों को लेकर शीर्ष अदालत का नया आदेश, कहा- सुप्रीम कोर्ट परिसर में बचा हुआ खाना खुले में न फेंके
Tue, 12 Aug 2025 02:17 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 12 Aug 2025 02:17 PM IST
सार
शीर्ष अदालत ने नए निर्देश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के गलियारों और परिसर की लिफ्ट में आवारा कुत्तों के घूमने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसलिए सभी बचे हुए खाद्य पदार्थों को केवल उचित रूप से ढके हुए कूड़ेदानों में ही फेंका जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में भोजन को खुले स्थानों या बिना ढके कंटेनरों में नहीं फेंकना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को सड़क से हटाकर आश्रय गृहों में भेजने के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नए निर्देश जारी किए। शीर्ष अदालत ने कहा कि कुत्तों के काटने से बचने के लिए कोर्ट परिसर में बचा हुआ खाना खुले में न फेंकें। निर्देश में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के गलियारों और परिसर की लिफ्ट में आवारा कुत्तों के घूमने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
मंगलवार को शीर्ष अदालत ने निर्देश में कहा कि सभी बचे हुए खाद्य पदार्थों को केवल उचित रूप से ढके हुए कूड़ेदानों में ही फेंका जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में भोजन को खुले स्थानों या बिना ढके कंटेनरों में नहीं फेंकना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि जानवरों को भोजन की ओर आकर्षित होने और उसे खाने के लिए इधर-उधर भटकने से रोकने के लिए यह जरूरी है। इससे कुत्तों के काटने का जोखिम काफी कम हो जाता है और स्वच्छता के मानक भी बने रहते हैं। इस निर्देश को लागू करने में आपका सहयोग सभी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था
शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा था कि आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने की वजह से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। खासकर छोटे बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि समय के साथ कुत्तों के आश्रयों की संख्या बढ़ानी होगी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली के अधिकारियों को छह से आठ हफ्तो में लगभग 5,000 कुत्तों के आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया।
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'क्या रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे?'
बीते दिन पीठ ने कहा था, 'अगर कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें इकट्ठा करने वाले ऐसे बल के आड़े आता है और अगर हमें इसकी सूचना दी जाती है, तो हम ऐसे किसी भी प्रतिरोध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।' पीठ ने आगे टिप्पणी की कि क्या पशु कार्यकर्ता और तथाकथित प्रेमी रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे? पीठ ने कहा, 'क्या वे उन बच्चों को जीवन वापस दे पाएंगे? जब परिस्थिति की मांग हो, तो आपको कार्रवाई करनी होगी।'
बीते दिन कोर्ट में क्या हुआ था?
शीर्ष अदालत राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने के मामले में 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू किए गए एक मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्ली सरकार और गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के नगर निकायों को सभी आवारा कुत्तों को हटाकर आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया। पीठ ने कुत्तों के आश्रय स्थलों में कुत्तों की देखभाल के अलावा टीकाकरण आदि काम समेत पर्याप्त कर्मचारी रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इन केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे।
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मंगलवार को शीर्ष अदालत ने निर्देश में कहा कि सभी बचे हुए खाद्य पदार्थों को केवल उचित रूप से ढके हुए कूड़ेदानों में ही फेंका जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में भोजन को खुले स्थानों या बिना ढके कंटेनरों में नहीं फेंकना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि जानवरों को भोजन की ओर आकर्षित होने और उसे खाने के लिए इधर-उधर भटकने से रोकने के लिए यह जरूरी है। इससे कुत्तों के काटने का जोखिम काफी कम हो जाता है और स्वच्छता के मानक भी बने रहते हैं। इस निर्देश को लागू करने में आपका सहयोग सभी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था
शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा था कि आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने की वजह से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। खासकर छोटे बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि समय के साथ कुत्तों के आश्रयों की संख्या बढ़ानी होगी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली के अधिकारियों को छह से आठ हफ्तो में लगभग 5,000 कुत्तों के आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया।
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'क्या रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे?'
बीते दिन पीठ ने कहा था, 'अगर कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें इकट्ठा करने वाले ऐसे बल के आड़े आता है और अगर हमें इसकी सूचना दी जाती है, तो हम ऐसे किसी भी प्रतिरोध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।' पीठ ने आगे टिप्पणी की कि क्या पशु कार्यकर्ता और तथाकथित प्रेमी रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे? पीठ ने कहा, 'क्या वे उन बच्चों को जीवन वापस दे पाएंगे? जब परिस्थिति की मांग हो, तो आपको कार्रवाई करनी होगी।'
बीते दिन कोर्ट में क्या हुआ था?
शीर्ष अदालत राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने के मामले में 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू किए गए एक मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्ली सरकार और गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के नगर निकायों को सभी आवारा कुत्तों को हटाकर आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया। पीठ ने कुत्तों के आश्रय स्थलों में कुत्तों की देखभाल के अलावा टीकाकरण आदि काम समेत पर्याप्त कर्मचारी रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इन केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे।
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