{"_id":"65b0de98ba6ac043d2059f67","slug":"any-sfio-probe-ordered-against-cm-s-daughter-s-firm-kerala-hc-asks-centre-pinarayi-vijayan-says-on-corruption-2024-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: CM की बेटी की फर्म के खिलाफ केंद्र की जांच पर HC ने पूछा सवाल; विजयन बोले- केरल में सबसे कम भ्रष्टाचार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: CM की बेटी की फर्म के खिलाफ केंद्र की जांच पर HC ने पूछा सवाल; विजयन बोले- केरल में सबसे कम भ्रष्टाचार
Wed, 24 Jan 2024 03:25 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 24 Jan 2024 03:25 PM IST
सार
केंद्र सरकार की ओर से अदालत में एक नोटिस पेश कर इस बात की पुष्टि की गई थी कि उसने पिनरई विजयन की बेटी से जुड़ी कंपनियों के मामले में कंपनी अधिनियम की धारा 210 (कंपनी के मामले में जांच) के तहत तफ्तीश का आदेश दिया था। इसी को लेकर केरल हाईकोर्ट ने सवाल पूछे।
विज्ञापन
केरल हाईकोर्ट और सीएम पिनरई विजयन।
- फोटो : Social Media
विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वह मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की बेटी वीना टी. की सॉफ्टवेयर कंपनी और उसकी सेवाएं ले रही कोच्चि की एक कंपनी से जुड़े मामलों में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) से जांच कराने का आदेश दे चुकी है या देना चाहती है?
कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा?
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से अदालत में एक नोटिस पेश कर इस बात की पुष्टि की गई थी कि उसने दोनों कंपनियों के मामले में कंपनी अधिनियम की धारा 210 (कंपनी के मामले में जांच) के तहत तफ्तीश का आदेश दिया था। हालांकि, केंद्र ने अदालत के 15 जनवरी के आदेश में दी गई इस व्यवस्था का पालन नहीं किया कि अगर एसएफआईओ द्वारा किसी भी आगे की कार्रवाई का आदेश दिया जाता है या आवश्यक पाया जाता है, तो इसके लिए विशेष तौर पर कोर्ट से आदेश लिया जाए’’।
इसी को लेकर जज देवन रामचंद्रन ने केंद्र सरकार से यह सवाल पूछा। उनके सवाल पर केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को अगर जरूरी लगता है तो वह एसएफआईओ द्वारा जांच का आदेश दे सकता है। हालांकि, उन्होंने यह पता करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा कि मंत्रालय ने एसएफआईओ जांच का आदेश दिया गया है या ऐसा आदेश देने की जरूरत समझी है।
विज्ञापन
केरल में सबसे कम है भ्रष्टाचार
इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बुधवार को कहा कि वे और उनका कैबिनेट अब तक अपना सिर ऊंचा रखने में सफल रहा है, क्योंकि राज्य में भ्रष्टाचार अब तक सबसे कम रहा है। विजयन ने कहा कि उनकी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार मिटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह केरल में प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए सरकारी विभागों में कमीशन नहीं मांगी जाती। इसीलिए हम अपना सिर ऊंचा रखने में सक्षम हुए हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विजयन ने कहा था कि राज्य के कुछ कोऑपरेटिव सेक्टर के बैंकों में कुछ अनियमितताएं और धोखाधड़ी के मामले पाए गए थे। उन्होंने कहा कि यह सब काम कुछ लालची लोगों ने किए थे। उनके इस बयान के बाद केरल में विपक्षी यूडीएफ ने हंगामा किया था।
विज्ञापन
कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा?
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से अदालत में एक नोटिस पेश कर इस बात की पुष्टि की गई थी कि उसने दोनों कंपनियों के मामले में कंपनी अधिनियम की धारा 210 (कंपनी के मामले में जांच) के तहत तफ्तीश का आदेश दिया था। हालांकि, केंद्र ने अदालत के 15 जनवरी के आदेश में दी गई इस व्यवस्था का पालन नहीं किया कि अगर एसएफआईओ द्वारा किसी भी आगे की कार्रवाई का आदेश दिया जाता है या आवश्यक पाया जाता है, तो इसके लिए विशेष तौर पर कोर्ट से आदेश लिया जाए’’।
विज्ञापन
इसी को लेकर जज देवन रामचंद्रन ने केंद्र सरकार से यह सवाल पूछा। उनके सवाल पर केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को अगर जरूरी लगता है तो वह एसएफआईओ द्वारा जांच का आदेश दे सकता है। हालांकि, उन्होंने यह पता करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा कि मंत्रालय ने एसएफआईओ जांच का आदेश दिया गया है या ऐसा आदेश देने की जरूरत समझी है।
विज्ञापन
केरल में सबसे कम है भ्रष्टाचार
इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बुधवार को कहा कि वे और उनका कैबिनेट अब तक अपना सिर ऊंचा रखने में सफल रहा है, क्योंकि राज्य में भ्रष्टाचार अब तक सबसे कम रहा है। विजयन ने कहा कि उनकी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार मिटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह केरल में प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए सरकारी विभागों में कमीशन नहीं मांगी जाती। इसीलिए हम अपना सिर ऊंचा रखने में सक्षम हुए हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विजयन ने कहा था कि राज्य के कुछ कोऑपरेटिव सेक्टर के बैंकों में कुछ अनियमितताएं और धोखाधड़ी के मामले पाए गए थे। उन्होंने कहा कि यह सब काम कुछ लालची लोगों ने किए थे। उनके इस बयान के बाद केरल में विपक्षी यूडीएफ ने हंगामा किया था।