अनिल देशमुख प्रकरण : रविशंकर प्रसाद बोले- आजाद भारत में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ
- रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अनिल देशमुख ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन सीएम उद्धव ठाकरे खामोश क्यों हैं?
- देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले ही हो जाना चाहिए था
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सौ करोड़ वसूली मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सीबीआई जांच के आदेश के तीन घंटे के भीतर ही महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस्तीफा दे दिया है। अनिल देशमुख मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंपा। अब इस मामले पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आजाद भारत में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी बहुत से सेतु निकलेंगे। जो भी महाराष्ट्र में हुआ उसकी जिम्मेदारी लेना उद्धव सरकार का काम ही नहीं जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। सीएम उद्धव ठाकरे खामोश हैं। शरद पवार कहते हैं कि मंत्री के बारे में फैसला मुख्यमंत्री करते हैं। कांग्रेस और शिवसेना कहती है कि अनिल देशमुख के बारे में फैसला एनसीपी करेगी। अनिल देशमुख ने शरद पवार से मिलकर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दिया है ये किस तरह से सरकार चल रही है। रविशंकर प्रसाद ने शरद पवार को घेरते हुए कहा कि शरद पवार जी देश के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें अनिल देशमुख को पूरी तरह से क्लीन चिट देने के निहितार्थ को समझना चाहिए। प्रसाद ने कहा कि भाजपा को उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष और ठीक तरह से जांच की जानी चाहिए और इसमें शामिल लोगों पर बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था: फडणवीस
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था, जिस समय उनपर आरोप लगे थे। उच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप किया उसके बाद गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खामोश क्यों है?
महाराष्ट्र सरकार का कार्यकाल पूरा होगा ऐसा लगता नहीं है: अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का कार्यकाल पूरा होगा ऐसा लगता नहीं है। पूरे देश में कोरोना के 60-65% मामले महाराष्ट्र से आ रहे हैं। क़ानून व्यवस्था बिगड़ गई है। मैंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख को इस्तीफा देनी की जरूरत थी। उन्हें एनसीपी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा बचाने की कोशिश की गई थी। शरद पवार ने अनिल देशमुख को इस्तीफा देनी की इजाजत दे दी है, यह अच्छी बात है।
दिलीप पाटिल हो सकते हैं अगले गृहमंत्री
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के अगले गृहमंत्री दिलीप पाटिल हो सकते हैं। हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अटकलें लगाई जा रही है कि गृहमंत्री दिलीप पाटिल को गृहमंत्रालय का प्रभार सौंपा जा सकता है।
परमबीर सिंह ने सौ करोड़ वसूली का लगाया था आरोप
बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश जारी किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि गृहमंत्री पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं। वह बेहद गंभीर है। ऐसे में इसकी जांच सीबीआई से होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सीबीआई डायरेक्टर को सौंपने को कहा है।
फडणवीस का सवाल, मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं?
भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी नेता अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। वहीं, राज्य भाजपा के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मैं खुश हूं कि देशमुख ने पद छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में कई 'सनसनीखेज खुलासे' होंगे।
फडणवीस ने कहा कि देशमुख के इस्तीफे की उम्मीद थी और उनके पास कोई और विकल्प नहीं था। उन्हें पहले दिन ही नैतिकता याद करनी चाहिए थी जब आरोप लगाए गए थे। फडणवीस ने कहा, ‘मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? उनकी चुप्पी बेचैन करने वाली है।’
इस बीच चंद्रकांत पाटिल ने पुणे में कहा कि जिन लोगों ने गलती की है उन्हें दंडित किया जाना चाहिए अन्यथा लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा। पाटिल ने कहा, 'सीबीआई की 15 दिनों की प्रारंभिक जांच में कई चीजें बाहर आएंगी। अनिल देशमुख द्वारा सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपये की उगाही करने की मांग से जुड़ी सच्चाई बाहर आएगी।'