महाराष्ट्र: गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भी गिर सकती है गाज, हटाए जाने की बढ़ीं अटकलें
- एंटीलिया मामला: पवार ने दिल्ली तलब किया
- नए पुलिस आयुक्त से मिले एनआईए के अधिकारी
विस्तार
रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी कार के मामले में अब गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भी गाज गिर सकती है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने शुक्रवार को देशमुख को दिल्ली तलब किया। इसके बाद से ही उनको गृहमंत्री पद से हटाए जाने की अटकलें शुरू हो गई हैं।
इस बीच, इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों आईजी अनिल शुक्ला और एसपी विक्रम खालाटे ने मुंबई के नए पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले से शुक्रवार को करीब 30 मिनट तक मुलाकात की।
दरअसल, अंबानी के घर के बाहर जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो कार के मामले में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इससे न केवल मुंबई पुलिस बल्कि गृह विभाग की भी काफी बदनामी हो रही है।
इस मामले में मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को हटाया जा चुका है। कहा जा रहा है कि इसके बाद अब गृहमंत्री देशमुख की बारी है। पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने देशमुख को तलब किया। दिल्ली पहुंचे देशमुख से पवार ने करीब तीन घंटे तक लंबी मुलाकात की। सूबे के राजनीतिक हलके में चर्चा है कि शरद पवार देशमुख से नाराज हैं।
कहा जा रहा है कि अनिल देशमुख गृह विभाग को सही तरह से संभाल नहीं पा रहे हैं। एंटीलिया प्रकरण में भी उनकी भूमिका प्रभावी नहीं रही। वहीं, इस मुलाकात के बाद अनिल देशमुख ने कहा, मैं आज सुबह दिल्ली आया। नागपुर के मिहान प्रोजेक्ट में एक विदेशी कंपनी निवेश करने को इच्छुक है। इसी संदर्भ में बात करने आया था।
उन्होंने कहा, इस दरम्यान अंबानी के बाहर विस्फोटक पाए जाने वाले प्रकरण और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में भी चर्चा हुई।
इस्तीफे के सवाल को टाल गए देशमुख
देशमुख ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ता (एटीएस) दोनो प्रकरण की जांच कर रही है। राज्य सरकार का पूरा समर्थन है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस्तीफे के सवाल को उन्होंने टाल दिया।
पुणे से एनआईए के मुंबई ऑफिस पहुंची फॉरेंसिक टीम
इस बीच, पुणे की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से छह सदस्यीय टीम शुक्रवार को मुंबई स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के दफ्तर पहुंची। हालांकि, टीम के यहां आने की वजह पता नहीं चल पाई है।
एफएसएल की मुंबई स्थित कलीना शाखा पहले ही स्कॉर्पियो की जांच कर रही है। एनआईए ने अब तक पांच वाहनों- स्कॉर्पियो, एक इनोवा, दो मर्सिडीज कारों और एक टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो को जब्त किया है।
मनसुख हिरेन मौत मामले में 25 के बयान दर्ज, डाएटम्स रिपोर्ट पॉजिटिव
उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से लदी कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने 25 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
एटीएस से जुडे़ एक अधिकारी ने बताया कि ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज द्वारा की गई डाएटम्स जांच की रिपोर्ट एटीएस को मिली है, जिसमें इस बात की तरफ इशारा किया गया है कि पानी में फेंके जाने के पहले तक मृत व्यवसायी मनसुख हिरेन जिंदा थे।
अब इसकी पुष्टि के लिए एटीएस ने इस रिपोर्ट को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) मधुबन, हरियाणा भेजा है। एटीएस अधिकारी ने ये भी पुष्टि की कि मृत व्यवसायी मनसुख हिरेन की डाएटम्स रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार जीएमसी में किया गया डायटम परीक्षण सकारात्मक है। एटीएस मामले की केवल हत्या के रूप में जांच कर रही है। डूबने से हुई मौत के मामलों में डाएटम्स परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाता है। डाएटम्स एक तरह के शैवाल हैं, जो पानी में होते हैं और डूबने वाले के शरीर में पाए जाते हैं। इसी के आधार पर मरने वाले की जांच की जाती है।
सामना में पूर्व पुलिस आयुक्त का बचाव और एनआईए पर सवाल
सत्ताधारी दल शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का बचाव करते हुए कहा, परमबीर सिंह को बदल दिया गया इसका मतलब वो गुनहगार सिद्ध नहीं होते। मुंबई पुलिस आयुक्त पद की कमान उन्होंने अत्यंत कठिन समय में संभाली थी।
सामना में आरोप लगाया गया है कि टीआरपी घोटाले की फाइल उन्हीं के समय में खोली गई, जिस वजह से परमबीर सिंह पर दिल्ली की एक विशिष्ट लॉबी गुस्से में थी। वहीं, संपादकीय में एनआईए जांच पर भी सवाल उठाया गया है।
इसमें कहा गया है कि जिलेटिन की छड़ों की जांच करने वाली एनआइए ने उरी, पठानकोट और पुलवामा हमले को लेकर क्या जांच की और उसका क्या नतीजा निकला और कितने गुनहगारों को हिरासत में लिया गया।